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Army Chief Sri Lanka Visit: 2021 के बाद श्रीलंका दौरे पर जाएंगे सेना प्रमुख, पहली बार दी ‘ऑपरेशन पवन’ के शहीदों को आधिकारिक श्रद्धांजलि

मेजर परमेश्वरन उन इंडियन पीस कीपिंग फोर्स के एकमात्र सैनिक थे जिन्हें विदेशी धरती पर किसी ऑपरेशन में परम वीर चक्र मिला। यह पहला मौका था जब सेना की ओर से आधिकारिक कमेमोरेशन आयोजित की गई...

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📍नई दिल्ली | 25 Nov, 2025, 8:09 PM

Army Chief Sri Lanka Visit: भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी दो दिन के श्रीलंका के आधिकारिक दौरे पर जाएंगे। यह यात्रा भारत–श्रीलंका रक्षा सहयोग में एक नया अध्याय जोड़ने वाली मानी जा रही है, क्योंकि हाल के सालों में दोनों देशों के बीच सैन्य स्तर पर लगातार हाई-लेवल एंगेजमेंट बढ़े हैं। यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब भारत क्षेत्रीय स्थिरता, साझेदारी और पड़ोसी देशों के साथ सुरक्षा सहयोग को मजबूती देना चाहता है।

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दौरे से पहले 25 नवंबर को नई दिल्ली राष्ट्रीय युद्ध स्मारक, नई दिल्ली में एक बेहद महत्वपूर्ण क्षण देखने को मिला, जब सेना प्रमुख ने पहली बार ‘ऑपरेशन पवन’ में शहीद हुए सैनिकों को आधिकारिक श्रद्धांजलि दी। यह वही ऑपरेशन था जिसमें इंडियन पीस कीपिंग फोर्स ने श्रीलंका में तैनात होकर आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई की थी। इस ऑपरेशन में 1,171 भारतीय जवानों ने सर्वोच्च बलिदान दिया था और 3,500 से अधिक घायल हुए थे।

Army Chief Sri Lanka Visit: पहली बार ‘ऑपरेशन पवन’ की आधिकारिक कमेमोरेशन

राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हुए कार्यक्रम में जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने मेजर आर. परमेश्वरन सहित सभी वीर जवानों को श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर मरणोपरांत परम वीर चक्र से सम्मानित मेजर रामास्वामी परमेश्वरन की पत्नी उमा परमेश्वरन भी मौजूद थीं। मेजर परमेश्वरन उन इंडियन पीस कीपिंग फोर्स के एकमात्र सैनिक थे जिन्हें विदेशी धरती पर किसी ऑपरेशन में परम वीर चक्र मिला। यह पहला मौका था जब सेना की ओर से आधिकारिक कमेमोरेशन आयोजित की गई। अब तक यह सम्मान केवल वेटरंस और उनके परिवार निजी तौर पर निभाते आ रहे थे।

कार्यक्रम में वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टॉफ लेफ्टिनेंट जनरल पुष्पेंद्र सिंह भी मौजूद रहे, जो खुद ‘ऑपरेशन पवन’ में एक युवा अधिकारी के रूप में हिस्सा ले चुके हैं। यह समारोह वेटरंस के लिए वर्षों से लंबित एक सम्मान का प्रतीक माना जा रहा है और इसे भारतीय सेना द्वारा इतिहास को औपचारिक रूप से सम्मान देने के बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है।

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Army Chief Sri Lanka Visit: श्रीलंका दौरे से मजबूत होगा रक्षा सहयोग

आर्मी चीफ का 01 से 02 दिसंबर तक होने वाला श्रीलंका दौरा दोनों देशों के बीच बढ़ते भरोसे और रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करेगा। इससे पहले भी भारतीय सेना प्रमुखों ने श्रीलंका का दौरा किया है। आखिरी बार 2021 में जनरल एमएम नरवणे ने श्रीसंका का दौरा किया था, जिसके बाद से दोनों सेनाओं के बीच ट्रेनिंग, एक्सरसाइज और ऑपरेशनल इंटरैक्शन का दायरा बढ़ता गया।

इसी साल सितंबर में भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी भी श्रीलंका के दौरे पर गए थे। वहीं श्रीलंका आर्मी के कई शीर्ष अधिकारी भी हाल के वर्षों में भारत का दौरा कर चुके हैं। श्रीलंका आर्मी चीफ लेफ्टिनेंट जनरल बीकेजीएम लसांथा रोड्रिगो भी इसी साल 11-14 जून तक भारत की 4-दिवसीय यात्रा पर आए थे। उन्होंने इंडियन मिलिट्री अकादमी (आईएमए) में पासिंग आउट परेड की समीक्षा की थी, हालांकि वे खुद भी 1990 में आईएमए से कमीशंड रह चुके हैं। उस दौरान उनकी आर्मी चीफ, नेवी चीफ और एयर चीफ से मुलाकात की थी। इसकी बाद अक्टूबर में श्रीलंका आर्मी चीफ ने नई दिल्ली में यूनाइटेड नेशंस ट्रूप कंट्रीब्यूटिंग कंट्रीज चीफ्स कॉनक्लेव में हिस्सा भी लिया था। इसके अलावा नवंबर में द्विपक्षीय रक्षा सहयोग की समीक्षा के लिए 11वीं आर्मी-टू-आर्मी स्टाफ टॉक्स (AAST) हुईं थी।

वहीं भारत और श्रीलंका की सेनाओं के बीच मित्र शक्ति अभ्यास का 11वां संस्करण इस साल 10 नवंबर से 23 नवंबर तक कर्नाटक के बेलगावी (फॉरेन ट्रेनिंग नोड) में हुआ है।

सेना प्रमुख की यह यात्रा “पड़ोसी पहले” नीति के तहत भारत का संदेश दोहराती है कि श्रीलंका भारत का भरोसेमंद साझेदार और करीबी मित्र है। इस दौरान दोनों देशों के सैन्य नेतृत्व क्षेत्रीय सुरक्षा, इंडो-पैसिफिक स्थिति, समुद्री चुनौतियों और आतंकवाद विरोधी प्रयासों पर व्यापक चर्चा करेंगे।

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Army Chief Sri Lanka Visit: ट्रेनिंग, एक्सरसाइज और क्षमता निर्माण पर फोकस

दौरे के दौरान दोनों सेनाएं ट्रेनिंग, जॉइंट एक्सरसाइज और कैपेसिटी बिल्डिंग पर अपने सहयोग को और व्यापक बनाएंगी। साथ ही, आधुनिक युद्ध की जरूरतों, मल्टी-डोमेन ऑपरेशन्स, इंटेलिजेंस-शेयरिंग और मानवीय सहायता में सहयोग पर भी विस्तार से बातचीत होगी। भारत पिछले कई वर्षों से श्रीलंका को उपकरण, ट्रेनिंग स्लॉट और विशेष मिलिटरी कोर्स उपलब्ध कराता आ रहा है।

भारत और श्रीलंका के बीच रक्षा संबंध सिर्फ भौगोलिक निकटता के चलते नहीं हैं, बल्कि सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और सुरक्षा हितों पर भी टिके हैं। दोनों देश आतंकवाद विरोधी सहयोग में एक-दूसरे के मजबूत रणनीतिक साझेदार हैं। श्रीलंका ने भारत के संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता के दावे का समर्थन किया है, जबकि भारत श्रीलंका को ब्रिक्स जैसे समूहों में महत्वपूर्ण भूमिका दिलाने में मदद कर रहा है।

वेटरंस के लिए ऐतिहासिक क्षण

ऑपरेशन पवन की आधिकारिक कमेमोरेशन को वेटरंस लंबे समय से प्रतीक्षा कर रहे थे। अब तक हर साल वे खुद एक “साइलेंट” अनौपचारिक सभा में शहीदों को श्रद्धांजलि देते थे। इस बार पहली बार भारतीय सेना प्रमुख ने आधिकारिक तौर पर नेतृत्व किया।

इस आयोजन के साथ भारतीय सेना ने यह संदेश दिया कि बलिदान कभी भूला नहीं जाता, और इतिहास के उन अध्यायों को भी सम्मान मिलेगा जिन्हें अब तक आधिकारिक मान्यता नहीं मिली थी।

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