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Aero India 2025: बेंगलुरु के आसमान में आमने-सामने रूस और अमेरिका के स्टील्थ फाइटर्स, भारत किस पर लगाएगा दांव, 2028 तक आएगा AMCA

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📍नई दिल्ली | 11 Feb, 2025, 10:08 AM

Aero India 2025: बेंगलुरु के आसमान में इन दिनों एक ऐतिहासिक नजारा देखने को मिल रहा है। बेंगलुरू में चल रहे एरो इंडिया 2025 में पहली बार दो एकदूसरे के धुरविरोधी देश रूस और अमेरिका अपने-अपने स्टील्थ फाइटर जेट्स के साथ आमने-सामने हैं। जहां एक ओर रूस ने अपने Su-57 फिफ्थ जनरेशन फाइटर जेट को पेश किया है, तो वहीं दूसरी तरफ अमेरिका ने अपने F-35 लाइटनिंग II के जरिए पूरी दुनिया को अपनी ताकत दिखा रहा है।

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Aero India 2025: एक ही एयरस्पेस पर F-35 लाइटनिंग II और रूसी Su-57 फेलॉन

अभी तक, अमेरिका और रूस के इन दो स्टील्थ फाइटर्स को एक ही एयर शो में कभी नहीं देखा गया है। पहली बार, अमेरिकी F-35 लाइटनिंग II और रूसी Su-57 फेलॉन स्टील्थ फाइटर्स ने एक ही एयरस्पेस साझा किया है। दोनों देशों के बीच दशकों से चले आ रहे तनाव के चलते यह अभी तक असंभव था। लेकिन एयरो इंडिया 2025 में .यह संभव हुआ और दोनों यहां अपने लेटेस्ट फाइटर जेट्स के साथ यहां आए हुए हैं।

रूस-यूक्रेन युद्ध के चलते पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों की मार झेल रहा रूस भारत को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए पूरी ताकत झोंक रहा है। पिछले 20 सालों में भारत और रूस के बीच 50 अरब डॉलर के रक्षा सौदे हुए हैं, और इस साझेदारी को और मजबूत करने के मकसद से रूस Aero India में इस बार बड़ी भागीदारी कर रहा है।

Aero India 2025: रूस का भारत को बड़ा ऑफर

इस शो में रूस ने अपने पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट Su-57 के को-प्रोडक्शन का भारत को ऑफर दिया है। Rosoboronexport के निदेशक अलेक्जेंडर मिखेयेव ने कहा, “एशिया-प्रशांत क्षेत्र में भारत रूस का सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार है। पिछले 20 वर्षों में ही हमने भारत के साथ 50 अरब डॉलर के कॉन्ट्रैक्ट किए हैं, और कुल मिलाकर 80 अरब डॉलर के रूसी मिलिट्री प्रोडक्ट्स भारत को सप्लाई किए गए हैं।”

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वहीं, अमेरिका भी भारत को अपने F-35 और F-21 जैसे फाइटर जेट्स की पेशकश कर रहा है। हालांकि, अमेरिका इन इन सौदों में कई शर्तें और ऑपरेशनल प्रतिबंध भी जोड़ रहा है, जो भारत को नामंजूर हैं। दूसरी ओर, रूस के साथ लंबे समय से चली आ रही रक्षा साझेदारी और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर जैसे विकल्प भी दे रहा है।

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भारत के पास स्वदेशी AMCA का भी है विकल्प

वहीं भारत के पाास तीसरा विकल्प भी है। भारत अपना पांचवी पीढ़ी का स्वदेशी Advanced Medium Combat Aircraft (AMCA) प्रोजेक्ट पर तेजी से काम कर रहा है। यह पांचवीं पीढ़ी का स्टील्थ फाइटर जेट है, जिसे डीआरडीओ के तहत Aeronautical Development Agency (ADA) बना रहा है। AMCA का फुल-स्केल मॉकअप एरो इंडिया 2025 में पहली बार पेश किया गया है।

AMCA की पहली उड़ान 2028 तक

एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट AMCA प्रोजेक्ट के डायरेक्टर कृष्णा राजेंद्र नीली ने बताया “AMCA का पहला प्रोटोटाइप 2028 तक तैयार हो जाएगा, जबकि 11 साल बाद यानी 2035-36 तक इसकी डिलीवरी शुरू होने की उम्मीद है। अब तक इसका डिज़ाइन और निर्माण 100% स्वदेशी है। इस विमान में GE 414 इंजन का उपयोग किया जाएगा, और भारत पहले ही इन इंजनों के घरेलू उत्पादन के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर कर चुका है।”

हालांकि, यह समय सीमा भारतीय वायुसेना के लिए एक चुनौती है, क्योंकि चीन पहले ही अपने स्टेल्थ फाइटर्स J-20 और J-31 को तैनात कर चुका है और पाकिस्तान भी जल्द ही इन्हें हासिल करने की कोशिशों में जुटा है।

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F-35 और Su-57के मुकाबले AMCA हल्का

खास बात यह है कि F-35 और Su-57 दोनों ही स्टील्थ फाइटर जेट हेवी वेट कटैगरी हैं, यानी कि ये 30 टन वाले पांचवीं जनरेशन एयरक्राफ्ट है। वहीं AMCA की बात करें तो यह मिडियम कैटेगरी का, औऱ यह 25 टन क्लास का फिफ्थ जनरेशन का फाइटर एयरक्राफ्ट है। AMCAमें हथियार अंदर की तरफ होते हैं, जो बाहर से दिखाई नहीं देते। इसलिए यह बाकी एयरक्राफ्ट के मुकाबले लंबा होता है।

लेकिन अब भारतीय वायुसेना के सामने एक बड़ा सवाल खड़ा है, क्या हमें केवल स्वदेशी AMCA पर भरोसा करना चाहिए, या फिर तात्कालीक उपाय के तौर पर विदेश से स्टील्थ फाइटर्स की खरीद करनी चाहिए। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने संकेत दिया है कि भारत सभी विकल्प खुले रखेगा।

Aero India 2025 में रूस का दबदबा

एरो इंडिया में रूस ने न केवल फाइटर जेट्स बल्कि हेलीकॉप्टर, इंजन और एयर डिफेंस सिस्टम भी पेश किए हैं। 10 से अधिक प्रमुख रूसी रक्षा कंपनियां अपने अत्याधुनिक विमान, हेलिकॉप्टर, इंजन और एयर डिफेंस सिस्टम के साथ इस शो में पधारी हैं। कुल मिलाकर 500 से अधिक रूसी प्रोडक्ट्स इस शो में पेश किए गए हैं।

इसके अलावा रूस ने अपने IL-78MK-90A रिफ्यूलिंग एयरक्राफ्ट को भी प्रदर्शित किया है, जिसे जरूरत के अनुसार ट्रांसपोर्ट, मेडिकल और फायरफाइटिंग वर्जन में बदला जा सकता है। इसके अलावा United Engine Corporation ने अपने Item 177S इंजन को पेश किया है, जो फिफ्थ जनरेशन मल्टीरोल फाइटर्स के लिए डिजाइन किया गया है।

साथ ही, रूस ने अपने एडवांस एयर-लॉन्च मिसाइलों का भी पेश किया है, जो चौथी और पांचवीं पीढ़ी के फाइटर्स के में लगाई जा सकती हैं। इन मिसाइलों में RVV-MD2 और RVV-B (हवाई लक्ष्यों को निशाना बनाने के लिए), Kh-35UE (युद्धपोतों को नष्ट करने के लिए), Kh-38MLE (जमीनी लक्ष्यों पर सटीक हमले के लिए), Kh-58UShKE (एंटी-एयरक्राफ्ट मिसाइल सिस्टम के रडार को नष्ट करने के लिए), और नई पीढ़ी की स्टील्थ क्रूज मिसाइल Kh-69 शामिल हैं।

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एयर डिफेंस सेक्टर में रूस की Almaz-Antey Air and Space Defense Corporation ने लंबी, मध्यम और छोटी दूरी की मिसाइलों को पेश किया है, जो बैलिस्टिक मिसाइलों से लेकर छोटे UAVs तक को को निशाना बना सकती हैं।

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  • हरेंद्र चौधरी रक्षा पत्रकारिता (Defence Journalism) में सक्रिय हैं और RakshaSamachar.com से जुड़े हैं। वे लंबे समय से भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना से जुड़ी रणनीतिक खबरों, रक्षा नीतियों और राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित मुद्दों को कवर कर रहे हैं। पत्रकारिता के अपने करियर में हरेंद्र ने संसद की गतिविधियों, सैन्य अभियानों, भारत-पाक और भारत-चीन सीमा विवाद, रक्षा खरीद और ‘मेक इन इंडिया’ रक्षा परियोजनाओं पर विस्तृत लेख लिखे हैं। वे रक्षा मामलों की गहरी समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं।

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