📍नई दिल्ली | 12 Dec, 2025, 11:50 AM
Faiz Hameed Jail: पाकिस्तान के पूर्व इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) फैज हमीद हाल ही में उस समय सुर्खियों में आए, जब पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत ने उन्हें चौदह साल की सजा सुनाई। यह फैसला देश की राजनीति और सेना में चल रहे खींचतान का हिस्सा बताया जा रहा है। लेकिन फैज हमीद का नाम केवल राजनीतिक मामलों के कारण ही नहीं, बल्कि एक पुराने निजी विवाद के चलते भी पाकिस्तान में लंबे समय तक चर्चा में रहा।
यह विवाद वर्ष 2021 का है, जब फैज हमीद की निजी जिंदगी से जुड़ा एक मामला मीडिया में छाया रहा। खबरों के मुताबिक, उनकी पत्नी ने उन्हें एक महिला के साथ कथित रूप से “आपत्तिजनक स्थिति” में पकड़ लिया था। यह महिला कोई और नहीं, बल्कि पाकिस्तान की जानी-मानी पत्रकार और डिफेंस से जुड़ी लेखिका अरूसा आलम थीं। कहा जाता है कि गुस्से में पत्नी ने उन्हीं की सरकारी पिस्तौल से गोली चला दी, जो फैज हमीद को छूते हुए निकल गई। इस घटना को उस समय काफी दबाया गया, लेकिन बाद में कई पत्रकारों और सोशल मीडिया यूजर्स ने इस कहानी की पूरी कलई खोल दी। (Faiz Hameed Jail)
Faiz Hameed Jail: जनरल रानी से शुरू होती है कहानी
इस विवाद को समझने के लिए पहले “जनरल रानी” कही जाने वाली अकलीम अख्तर की कहानी जानना जरूरी है। 1960 और 70 के दशक में पाकिस्तान की राजनीति में अकलीम अख्तर का बड़ा प्रभाव था। वे सैन्य तानाशाह जनरल याह्या खान की बेहद करीबी रही थीं। बताया जाता है कि याह्या खान के शासनकाल में उनका इतना प्रभाव था कि सरकार और सेना से जुड़े कई फैसले उनकी मौजूदगी में तय होते थे। (Faiz Hameed Jail)
अकलीम का जन्म पंजाब के एक जमींदार परिवार में हुआ था। शादी, बच्चे और आम जीवन से निकलकर वे धीरे-धीरे उस सर्कल में शामिल हुईं, जहां सत्ता और ताकत वाले लोग आते थे। जनरल याह्या से करीबी बढ़ने के बाद उन्होंने राजनीतिक गतिविधियों में प्रत्यक्ष रूप से प्रभाव जमा लिया। पूर्वी पाकिस्तान संकट और 1971 की जंग के समय भी उनके रोल पर सवाल उठे, लेकिन याह्या खान के पतन के साथ ही उनका दौर भी खत्म हो गया।
उन्हीं की बेटी अरूसा आलम, जिन्हें बाद में “नई जनरल रानी” कहा गया, 1990 के दशक में मीडिया जगत की पहचान बनीं। पाकिस्तान में उन्हें डिफेंस रिपोर्टिंग के लिए जाना जाता है। अरूसा का भारत से भी गहरा संबंध रहा है। वे कई बार भारत आ चुकी हैं और पूर्व पंजाब मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से उनकी दोस्ती लंबे समय तक चर्चा में रही। (Faiz Hameed Jail)
Faiz Hameed Jail: फैज हमीद और अरूसा आलम की दोस्ती
फैज हमीद जब आईएसआई चीफ के रूप में अपने करियर के सबसे ताकतवर दौर में थे, उसी समय अरूसा आलम के साथ उनकी मित्रता को लेकर बातें सामने आने लगीं। पाकिस्तान के कई पत्रकारों ने बिना नाम लिए इस रिश्ते पर इशारे किए। सोशल मीडिया पर इस विषय पर कई पोस्ट वायरल हुए। हालांकि दोनों में से किसी ने भी सार्वजनिक रूप से इन दावों की पुष्टि नहीं की।
विवाद की असली शुरुआत तब हुई जब 2021 में फैज हमीद की पत्नी द्वारा गोली चलाने की खबर सामने आई। हालांकि घटना की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी, लेकिन कई पत्रकारों खासकर जियो टीवी के वरिष्ठ एंकर हामिद मीर ने अपने ट्वीट्स में इसका जिक्र किया। मीर ने कहा था कि अगर पत्रकारों पर दबाव डाला गया, तो “कुछ लोगों के घरों में हुए किस्से” बाहर आ जाएंगे। इसके बाद सोशल मीडिया पर फैज हमीद और अरूसा आलम का नाम तेजी से वायरल होने लगा। (Faiz Hameed Jail)
Faiz Hameed Jail: आईएसआई-मीडिया के बीच बढ़ा टकराव
उसी समय एक और घटना ने इस विवाद को हवा दी। हामिद मीर ने सेना की नीतियों पर आलोचना की थी, जिसके बाद उन पर दबाव बढ़ा और उनका शो बंद कर दिया गया। मीर ने सार्वजनिक मंच पर भाषण देते हुए साफ कहा था कि आईएसआई अधिकारियों को पत्रकारों के परिवारों को परेशान नहीं करना चाहिए। उन्होंने बिना नाम लिए कहा कि जिन लोगों के खुद के घर में मुद्दे हैं, वे दूसरों को धमकाने की कोशिश न करें।
इस बयान को पाकिस्तान के कई मीडिया समूहों ने फैज हमीद से जोड़कर देखा। हालांकि सेना की ओर से इसे खारिज किया गया, लेकिन सोशल मीडिया पर यह विषय लगातार चर्चा में बना रहा। (Faiz Hameed Jail)
अरूसा आलम का भारत कनेक्शन
अरूसा आलम का भारत आना-जाना, भारतीय नेताओं और कई सार्वजनिक हस्तियों के साथ उनके फोटो और पंजाब के राजनीतिक गलियारों में उनकी मौजूदगी हमेशा पाकिस्तान में बहस का विषय रहा है। कुछ वर्गों ने तो यह तक दावा किया कि भारत में उनकी मौजूदगी पाकिस्तान में उनकी आलोचना का एक कारण बनी।
जब फैज हमीद के साथ “निकटता” की अफवाहें फैलीं, तो पाकिस्तान में कई टीवी पैनल और सोशल मीडिया पोस्ट्स ने इसे “क्रॉस-बॉर्डर एंगल” देकर सनसनी बढ़ाई। हालांकि कोई पुख्ता सबूत कभी सामने नहीं आए। (Faiz Hameed Jail)
सत्ता से जेल तक का सफर
फैज हमीद 2018–2021 के बीच पाकिस्तान की सत्ता संरचना के सबसे प्रभावशाली चेहरों में शामिल थे। उन्हें इमरान खान सरकार का मजबूत समर्थक माना जाता था। अफगानिस्तान में तालिबान की वापसी के समय काबुल के होटल में चाय पीते उन्होंने तस्वीर खिंचाई थी, जिसका मकसद को चिढ़ाना था।
लेकिन जैसे ही सेना की अंदरूनी राजनीति बदली, उनके खिलाफ जांच शुरू हो गई। टॉप सिटी स्कैंडल, सत्ता दुरुपयोग और आर्थिक अनियमितताओं जैसे आरोप सामने आए। 2025 में सैन्य अदालत ने उन्हें 14 साल की सजा दी। इस फैसले के बाद उनके पुराने निजी विवाद फिर चर्चा में आने लगे। (Faiz Hameed Jail)
