📍बीकानेर, राजस्थान | 18 Dec, 2025, 2:09 PM
Russia Ukraine war: राजस्थान के बीकानेर जिले के लूणकरणसर क्षेत्र से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। अरजनसर गांव निवासी अजय गोदारा की रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान मौत हो गई है। अजय बेहतर भविष्य की तलाश में स्टडी वीजा पर रूस गया था, लेकिन परिवार का आरोप है कि वहां उसे धोखे से सेना से जुड़ी गतिविधियों में झोंक दिया गया और युद्ध में भेज दिया गया।
अजय के निधन की सूचना मिलते ही पूरे गांव और आसपास के इलाके में शोक की लहर फैल गई। घर में मातम पसरा है और परिजन गहरे सदमे में हैं।
परिजनों के अनुसार, अजय गोदारा 28 नवंबर 2024 को पढ़ाई के उद्देश्य से रूस गया था। परिवार का कहना है कि रूस पहुंचने के बाद अजय को सुरक्षित काम और बेहतर कमाई का झांसा दिया गया। आरोप है कि उसे किचन से जुड़े काम और सामान्य ड्यूटी का भरोसा दिया गया था, लेकिन बाद में उसे सैन्य गतिविधियों से जोड़ दिया गया।
कुछ समय बाद अजय को यह अहसास हुआ कि हालात बेहद खतरनाक हैं। उसने करीब चार महीने पहले दो वीडियो बनाकर भारत में अपने परिवार और प्रशासन से मदद की अपील की थी। इन वीडियो में अजय ने बताया था कि उसे तीन महीने की ट्रेनिंग का वादा किया गया था, लेकिन केवल चार दिन में ही उसे यूक्रेन सीमा के पास युद्ध क्षेत्र में भेज दिया गया।
वीडियो में अजय ने कहा था कि “कुछ और कहा गया था, कुछ और करवाया जा रहा है। यह हमारा आखिरी वीडियो भी हो सकता है।”
🇮🇳🕊️ Bikaner Youth Killed in Russia–Ukraine War
Ajay Godara from Arjansar, Lunkaransar (Rajasthan), who went to Russia on a study visa, has lost his life amid the Russia–Ukraine conflict. His family alleges he was misled with job promises and forced into a combat zone.
The tragic… pic.twitter.com/3LE8aPjXGB— Raksha Samachar | रक्षा समाचार 🇮🇳 (@RakshaSamachar) December 17, 2025
करीब एक सप्ताह पहले परिवार को ई-मेल के जरिए अजय की मौत की जानकारी मिली। इसके बाद से घर में कोहराम मचा हुआ है। मंगलवार को अजय का पार्थिव शरीर दिल्ली लाया गया, जहां से उसे उसके पैतृक गांव अरजनसर ले जाया गया ताकि अंतिम संस्कार किया जा सके।
अजय की मौत से पहले परिजनों ने उसकी सुरक्षा और भारत वापसी के लिए कई प्रयास किए थे। परिवार ने केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल और कैबिनेट मंत्री सुमित गोदारा से भी मदद की गुहार लगाई थी, लेकिन समय रहते कोई समाधान नहीं हो सका।
अरजनसर गांव और लूणकरणसर क्षेत्र में लोग अजय को एक शांत, मेहनती और सपनों से भरे युवक के तौर पर याद कर रहे हैं। ग्रामीणों और परिजनों ने केंद्र सरकार से इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यह पता लगाया जाना चाहिए कि किन एजेंटों या नेटवर्क के जरिए भारतीय युवाओं को स्टडी वीजा के नाम पर रूस-यूक्रेन जंग में भेजा जा रहा है।


