📍New Delhi | 4 Mar, 2026, 6:31 PM
Iran Warship IRIS Dena Sinks: The US has now started targeting Iranian navy ships in the Indian Ocean region as well. International Fleet Review held in Visakhapatnam, India last days and Exercise Millan Iran’s Naval Warship IRIS has been targeted by the US. The incident took place at the time when the ship returned from India to Iran. Iran Warship IRIS Dena Sinks
According to the reports, the warship made the target of Torpedo stained by a Nuclear Powered Attack Submarine of the US Navy. After the event, the ship immediately sent a crisis message i.e. distance call, after which Sri Lanka’s Navy and Air Force launched the rescue campaign. Iran Warship IRIS Dena Sinks
Iran Warship IRIS Dena Sinks: Beach Hadsa near Sri Lanka
Events as per information sri lanka Nearly 40 nautical miles away from the southern coast of Galle. The ship at that time was in the international marine region. Sri Lanka’s Naval Spokesperson, Ikka Sampath, told that the Rescue operation was started immediately after the ship received a crisis message. Naval ships and helicopters were sent on the spot. At the same time Sri Lanka’s Air Force joined the campaign.
The incident took place outside the maritime border of Sri Lanka, but it comes to the search and rescue area of Ilaka Sri Lanka. He said that Sri Lanka’s navy is the responsibility of responding first in such a situation under international maritime regulations.
बचाव दल को समुद्र में कई नाविक तैरते हुए मिले, जिन्हें तुरंत सुरक्षित निकालकर किनारे लाया गया। घायलों को गाले स्थित करापिटिया टीचिंग हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। (Iran Warship IRIS Dena Sinks)
Even at the peak of tensions with the US and Israel, Iran showed up on the global stage—not through conflict, but through diplomacy.
Its domestically built warship IRINS Dena sailed to India for IFR-MILAN 2026 and the International Fleet Review, signaling presence far beyond its… pic.twitter.com/TRa5Ftw92D— Raksha Samachar | 🇮🇳 (@RakshaSamachar) March 3, 2026
करीब 180 नाविक थे सवार
रिपोर्ट्स के अनुसार इस युद्धपोत पर लगभग 180 नाविक मौजूद थे। शुरुआती जानकारी में लगभग 30 नाविकों के घायल होने की बात सामने आई थी। बाद की रिपोर्ट्स में बताया गया कि कई नाविकों को समुद्र से बचाया गया है, जबकि कुछ लोग लापता बताए जा रहे हैं।
श्रीलंका के अधिकारियों ने बताया कि बचाव अभियान अभी भी जारी है और समुद्र में खोजबीन की जा रही है। इस दौरान कुछ शव मिलने की भी जानकारी सामने आई है। अधिकारियों के अनुसार फिलहाल प्राथमिकता घायलों को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाना और बाकी नाविकों की तलाश करना है। (Iran Warship IRIS Dena Sinks)
भारत के कार्यक्रम से लौट रहा था जहाज
आईआरआईएस देना हाल ही में भारत के विशाखापत्तनम में आयोजित इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू और बहुराष्ट्रीय नौसैनिक अभ्यास मिलन में शामिल हुआ था। दोनों आयोजन 15 से 25 फरवरी तक विशाखापत्तनम के वाइजाग में आयोजित किए गए थे। इस कार्यक्रम को भारतीय नौसेना की पूर्वी नेवल कमांड ने आयोजित किया था। खास बात यह थी कि अमेरिकी नौसेना का युद्धपोत यूएसएस पिंकनी भी विशाखापत्तनम में होने वाले कार्यक्रम में शामिल होने वाला था, लेकिन ऑपरेशनल जरूरतों के कारण वह कार्यक्रम में नहीं पहुंच सका। आखिरी वक्त पर अमेरिका ने अपना शिप यहां नहीं भेजा और केवल अपना पी8आई जहाज भेजा था। (Iran Warship IRIS Dena Sinks)
इन आयोजनों की मेजबानी भारतीय नौसेना ने की थी, जिसमें कई देशों के युद्धपोत और नौसेना प्रमुख शामिल हुए थे। ईरानी नौसेना प्रमुख रियर एडमिरल शहराम ईरानी भी इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए विशाखापत्तनम आए थे। कार्यक्रम खत्म होने के बाद ईरानी युद्धपोत अपने देश वापस लौट रहे थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक आईआरआईएस डेना को आगे बढ़ने से पहले कोच्चि में ईंधन भरने के लिए रुकना था, लेकिन उससे पहले ही समुद्र में यह घटना हो गई।
आईआरआईएस डेना ईरानी नौसेना का एक आधुनिक फ्रिगेट था। यह मौज-क्लास युद्धपोतों में शामिल है और इसे ईरान की दक्षिणी नौसैनिक फ्लीट का हिस्सा माना जाता था। यह जहाज 2021 में सेवा में शामिल किया गया था और इसका नाम ईरान के माउंट देना के नाम पर रखा गया था। इस फ्रिगेट में एंटी-शिप मिसाइलें, टॉरपीडो और एयर डिफेंस सिस्टम जैसे कई हथियार लगे थे। इसके अलावा इसमें हेलीकॉप्टर ऑपरेशन की सुविधा भी मौजूद थी। (Iran Warship IRIS Dena Sinks)
कुछ अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि जहाज को अमेरिकी नौसेना की न्यूक्लियर अटैक सबमरीन ने टॉरपीडो से निशाना बनाया। घटना के समय अमेरिकी नौसेना के जहाज और पनडुब्बियां हिंद महासागर क्षेत्र में सक्रिय थे।
श्रीलंका के विदेश मंत्री विजिता हेराथ ने संसद में बताया कि यह हादसा देश के खोज और बचाव क्षेत्र के भीतर हुआ, इसलिए अंतरराष्ट्रीय समुद्री नियमों के तहत तुरंत मदद भेजी गई। श्रीलंका की नौसेना और वायुसेना ने संयुक्त रूप से अभियान चलाकर कई नाविकों को बचाया और उन्हें अस्पताल पहुंचाया। अधिकारियों के अनुसार यह अभियान समुद्री कानूनों के तहत किया गया और इसमें मानवीय आधार पर मदद दी गई। (Iran Warship IRIS Dena Sinks)
समुद्र में तेल का रिसाव मिला
बचाव दल जब घटनास्थल पर पहुंचा तो वहां जहाज दिखाई नहीं दिया। अधिकारियों के मुताबिक समुद्र में तेल का बड़ा धब्बा देखा गया, जिससे यह संकेत मिला कि जहाज गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो चुका था। इसके बाद आसपास के समुद्री इलाके में खोज अभियान शुरू किया गया। श्रीलंका की नौसेना ने कहा है कि घटना के कारणों की तकनीकी जांच बाद में की जाएगी। फिलहाल प्राथमिक ध्यान बचाव अभियान पर है। (Iran Warship IRIS Dena Sinks)
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