📍नई दिल्ली | 4 Jan, 2025, 1:35 PM
Fighter Jet Mystery: उत्तर प्रदेश के बरेली एयरफोर्स स्टेशन पर एक फाइटर जेट मॉकअप की सैटेलाइट इमेज ने हलचल मचा दी है। इन तस्वीरों में एक फाइटर जेट का सिल्हूट देखा गया। जिससे रक्षा विशेषज्ञों के बीच बहस छिड़ गई कि यह मॉकअप डसॉल्ट राफेल का है या स्वदेशी रूप से विकसित HAL तेजस MkII का।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Reddit पर इन तस्वीरों को लेकर बहस छिड़ी है। एक यूजर ने लिखा, “बरेली में राफेल मॉकअप क्यों है? यह जगह राफेल स्क्वाड्रन के लिए नहीं जानी जाती।” वहीं, दूसरे यूजर ने लिखा, “राफेल के विंगटिप्स पर हमेशा MICA मिसाइल के लिए रेल होते हैं, जो यहां नहीं दिखाई दे रहे हैं। इससे उनका यह अनुमान है कि यह तेजस MkII हो सकता है।
Fighter Jet Mystery: क्यों इस्तेमाल किया जाता है मॉकअप?
रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, मॉकअप का उपयोग ग्राउंड क्रू को ट्रेनिंग देने के लिए किया जाता है। इस ट्रेनिंग से उन्हें असली विमान को संभालने, उसे पार्क करने और विमान ऑपरेट की प्रक्रियाओं को समझने में मदद मिलती है। इस तरह की ट्रेनिंग असली विमान को कोई नुकसान पहुंचाए बिना की जाती है। इसके लिए मॉकअप का इस्तेमाल किया जाता है।
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वहीं, सूत्रों का कहना है कि अगर यह राफेल का मॉकअप है, तो यह संभावित भविष्य की तैनाती के लिए ट्रेनिंग का हिस्सा हो सकता है। वहीं, अगर यह तेजस MkII का मॉकअप है, तो यह संकेत हो सकता है कि भारतीय वायु सेना पहले से ही इस स्वदेश में ही बने फाइटर जेट को अपने बेड़े में शामिल करने की तैयारी कर रही है।
Fighter Jet Mystery: राफेल है या तेजस MkII
मॉकअप की पहचान को लेकर काफी अटकलें लगाई जा रही हैं। यूजर्स का कहना है कि MICA मिसाइल रेल की इस पर दिखाई नहीं दे रही है। जबकि राफेल जेट के विंगटिप्स पर ये रेल हमेशा मौजूद रहती हैं। हालांकि, सैटेलाइट इमेजरी की क्वॉलिटी और एंगल के चलते ये जानकारी सही से नहीं पा रही है।
बरेली एयरफोर्स स्टेशन सेंट्रल एयर कमांड के तहत आता है। यहां मुख्यतौर पर सुखोई Su-30MKI फाइटरजेट तैनात हैं। यहां राफेल स्क्वाड्रन की गैर-मौजूदगी इस मॉकअप की पहचान को लेकर सवाल खड़े कर रही है। यूजर्स का कहना है कि क्या यहां एय़रफोर्स राफेल तैनात करने की योजना बना रही है?
क्या है रणनीति?
वहीं, कई विशेषज्ञ यह मानते हैं कि मॉकअप एक रणनीतिक योजना का हिस्सा हो सकता है, जिसमें भविष्य की तैनाती, विरोधियों को गुमराह करना, ऑपरेशनल तैयारियों की जांच करना शामिल हो सकता है। इससे भारत अपनी सामरिक क्षमताओं के बारे में भ्रम पैदा कर सकता है।
अगर यह मॉकअप तेजस MkII का है, तो इसकी तैनाती भारतीय वायु सेना के बेड़े को मजबूत करेगी और स्वदेशी रक्षा उद्योग को बढ़ावा देगी।
बरेली एयरफोर्स स्टेशन पर इस फाइटर जेट मॉकअप की मौजूदगी ने कई अटकलों को जन्म दे दिया है। यह मॉकअप चाहे ट्रेनिंग का हिस्सा हो, रणनीतिक तैनाती की तैयारी या एक कन्फ्यूज करने की एक चाल, यह भारतीय वायु सेना की एडवांस सोच और क्षमताओं को प्रदर्शित करता है।
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