📍New Delhi | 2 Feb, 2026, 4:58 PM
India Hypersonic Missile LR-AShM: India’s missile strength is now going to enter a new round. A new missile is being prepared far more powerful and faster than the Brahmaos missile has been considered as India’s most deadly and fast missile. It has been disclosed by Dr. Samir V Kamat, Chairman of DRDO i.e. Defence Research & Development Organization. He pointed out that India’s long range of anti-ship hypersonic missiles (LR-AShM) is rapidly advancing and it will prove to be a "gamchanger" for Indian forces in the future.
Dr. Samir Kamat said that it was new during media conversations Hypersonic The missile will be faster, more fatal than existing Brahmaos. That is why the defence experts are informally addressed by saying "The Father of Brahmos". Hypersonic Missile LR-AShM
India Hypersonic Missile LR-AShM: Two Successful Tests, Third Soon
DRDO The key informed that two development trials have been successfully completed so far from this Hypersonic Missile. The third development trial will be done soon. He said that as soon as these development trials are met, this missile will be assigned to Indian forces for User Evaluation Trial.
यूजर इवैल्यूएशन ट्रायल का मतलब होता है कि सेना खुद इस मिसाइल को अलग-अलग हालात में टेस्ट करेगी। अगर ये परीक्षण सफल रहते हैं, तो इसके बाद इस मिसाइल को आधिकारिक तौर पर भारतीय सेना या नौसेना में शामिल किया जाएगा। (India Hypersonic Missile LR-AShM)
ब्रह्मोस से कहीं ज्यादा ताकतवर
डॉ. समीर कामत ने स्पष्ट किया कि यह हाइपरसोनिक मिसाइल ब्रह्मोस से कई मामलों में आगे होगी। उन्होंने कहा कि ब्रह्मोस जहां मैक 3 की रफ्तार से उड़ती है, वहीं यह नई मिसाइल मैक 5 से लेकर मैक 10 से भी ज्यादा स्पीड हासिल कर सकती है। इतनी तेज रफ्तार से उड़ने वाली मिसाइल को दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम के लिए रोक पाना बेहद मुश्किल हो जाता है।
इसके साथ ही इस मिसाइल की रेंज भी Brahmos से कहीं ज्यादा होगी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसकी रेंज 1,500 किलोमीटर से ज्यादा हो सकती है। यानी भारत अपने समुद्री इलाकों से ही दुश्मन के एयरक्राफ्ट कैरियर और बड़े युद्धपोतों को बहुत दूर से निशाना बना सकेगा। (India Hypersonic Missile LR-AShM)
समुद्र में दुश्मन के लिए बड़ी चुनौती
यह मिसाइल खास तौर पर एंटी-शिप रोल के लिए डिजाइन की गई है। यानी इसका मुख्य लक्ष्य दुश्मन के जहाज, एयरक्राफ्ट कैरियर और नेवल टास्क फोर्स होंगे। मौजूदा दौर में समुद्री ताकत किसी भी देश की मिलिटरी पावर का अहम हिस्सा बन चुकी है।
Home | Delhi: On Long-Range Anti-Ship Hypersonic Missile, DRDO Chairman Samir V Kamat says, “We have carried out 2 development trials, we are soon going to do a third development trial. Once these development trials are over, we will offer it to the user for user evaluation… pic.twitter.com/ilXaddD616
— ANI February 2, 2018
Hypersonic मिसाइल की सबसे बड़ी खासियत यह होती है कि यह बेहद तेज रफ्तार से उड़ते हुए बीच रास्ते में अपना रास्ता बदल सकती है। इससे दुश्मन के रडार और मिसाइल डिफेंस सिस्टम भ्रमित हो जाते हैं। यही वजह है कि अमेरिका, चीन और रूस जैसे देश हाइपरसोनिक हथियारों पर भारी निवेश कर रहे हैं। अब भारत भी इस एलीट क्लब में शामिल होने जा रहा है। (India Hypersonic Missile LR-AShM)
पूरी तरह स्वदेशी तकनीक
डीआरडीओ की यह हाइपरसोनिक मिसाइल पूरी तरह स्वदेशी तकनीक पर आधारित है। इसका विकास हैदराबाद स्थित डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम मिसाइल कॉम्प्लेक्स में किया जा रहा है। इसमें बूस्ट-ग्लाइड टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है, जिसमें मिसाइल को पहले रॉकेट से ऊंचाई तक ले जाया जाता है और फिर वह हाइपरसोनिक स्पीड पर ग्लाइड करती हुई अपना टारगेट तक पहुंचती है।
इस तकनीक की वजह से मिसाइल की ट्रैजेक्टरी यानी उड़ान का रास्ता अनुमान लगाना बेहद कठिन हो जाता है। यही कारण है कि इसे भविष्य के युद्धों का सबसे खतरनाक हथियार माना जा रहा है। (India Hypersonic Missile LR-AShM)
लैंड अटैक और एयर लॉन्च वर्जन भी प्लान में
डीआरडीओ प्रमुख ने यह भी बताया कि फिलहाल एंटी-शिप वर्जन सबसे आगे है, लेकिन इसी मिसाइल के लैंड अटैक वर्जन पर भी काम चल रहा है। यानी भविष्य में यही मिसाइल जमीन पर मौजूद दुश्मन के ठिकानों को भी निशाना बना सकेगी।
इसके अलावा, एयर लॉन्च वर्जन पर भी योजना बनाई जा रही है। हालांकि डॉ. कामत ने साफ किया कि एयर लॉन्च वर्जन पर काम बाद में होगा। पहले जमीन से और जहाज से लॉन्च होने वाले वर्जन को पूरी तरह तैयार किया जाएगा। (India Hypersonic Missile LR-AShM)
इंडो-पैसिफिक में भारत की बढ़ेगी ताकत
रणनीतिक नजरिए से देखें तो यह मिसाइल भारत के लिए बेहद अहम है। इंडो-पैसिफिक और हिंद महासागर क्षेत्र में चीन की बढ़ती नौसैनिक मौजूदगी भारत के लिए लंबे समय से चिंता का विषय रही है। चीन लगातार नए एयरक्राफ्ट कैरियर और अत्याधुनिक युद्धपोत तैनात कर रहा है।
ऐसे में भारत की यह हाइपरसोनिक एंटी-शिप मिसाइल दुश्मन के लिए बड़ा डर साबित हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस मिसाइल के आने के बाद दुश्मन की कोई भी कैरियर स्ट्राइक ग्रुप भारतीय समुद्री सीमा के पास आने से पहले कई बार सोचेगी। (India Hypersonic Missile LR-AShM)
आत्मनिर्भर भारत की बड़ी छलांग
यह प्रोजेक्ट आत्मनिर्भर भारत की दिशा में भी एक बड़ा कदम है। अब तक भारत को हाइपरसोनिक हथियारों के मामले में विदेशी तकनीक पर निर्भर माना जाता था। लेकिन इस मिसाइल के जरिए भारत ने दिखा दिया है कि वह अत्याधुनिक और भविष्य की तकनीक खुद विकसित करने में सक्षम है।
डीआरडीओ प्रमुख ने भरोसा जताया कि यह मिसाइल भारतीय सेनाओं के आर्मरी में एक बड़ा और निर्णायक बदलाव लाएगी। उन्होंने कहा कि आने वाले सालों में भारत की सैन्य ताकत का स्वरूप पूरी तरह बदलने वाला है। (India Hypersonic Missile LR-AShM)
जल्द दिखेगा असर
अगर सब कुछ योजना के मुताबिक रहा, तो अगले कुछ वर्षों में यह हाइपरसोनिक मिसाइल भारतीय नौसेना और अन्य सेनाओं का हिस्सा बन सकती है। इसके साथ ही भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो जाएगा, जिनके पास हाइपरसोनिक स्ट्राइक क्षमता है। (India Hypersonic Missile LR-AShM)
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