📍नई दिल्ली | 2 Feb, 2026, 9:17 PM
Yantra India Limited Miniratna Status: देश की रक्षा उत्पादन व्यवस्था में एक अहम उपलब्धि दर्ज करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने यंत्र इंडिया लिमिटेड को मिनीरत्न कैटेगरी-I का दर्जा देने की मंजूरी दे दी है। यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब यंत्र इंडिया लिमिटेड ने बहुत कम समय में खुद को एक सरकारी संगठन से मुनाफा कमाने वाली मजबूत कॉरपोरेट इकाई के तौर पर स्थापित किया है।
रक्षा मंत्री ने इस मौके पर यंत्र इंडिया लिमिटेड की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि कंपनी ने करीब चार साल के भीतर जिस तरह से अपना कारोबार बढ़ाया है, स्वदेशी उत्पादन पर जोर दिया है और प्रदर्शन के तय मानकों को पूरा किया है, वह प्रशंसनीय है। यही वजह है कि कंपनी को मिनीरत्न कैटेगरी-I का दर्जा दिया गया है।
Yantra India Limited Miniratna Status: कम समय में बड़ी छलांग
यंत्र इंडिया लिमिटेड की स्थापना अक्टूबर 2021 में हुई थी, जब पुराने ऑर्डनेंस फैक्ट्री बोर्ड को सात नई रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में बदला गया। उस समय कई लोगों को शक था कि यह बदलाव कितना सफल होगा, लेकिन यंत्र इंडिया लिमिटेड ने अपने प्रदर्शन से इन शंकाओं को गलत साबित कर दिया।
कंपनी की बिक्री में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिली है। वित्त वर्ष 2021-22 की दूसरी छमाही में जहां कंपनी का टर्नओवर करीब 956 करोड़ रुपये था, वहीं वित्त वर्ष 2024-25 में यह बढ़कर 3,108 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया। यानी कुछ ही वर्षों में कारोबार तीन गुना से भी अधिक बढ़ गया।
निर्यात के मोर्चे पर भी मजबूती
सिर्फ घरेलू बाजार ही नहीं, बल्कि निर्यात के क्षेत्र में भी यंत्र इंडिया लिमिटेड ने मजबूत पहचान बनाई है। शुरुआत में जहां कंपनी का निर्यात शून्य था, वहीं वित्त वर्ष 2024-25 तक यह बढ़कर करीब 322 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। यह दिखाता है कि भारतीय रक्षा उत्पाद अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी अपनी जगह बना रहे हैं।
क्या बनाती है यंत्र इंडिया लिमिटेड
यंत्र इंडिया लिमिटेड रक्षा क्षेत्र से जुड़े कई अहम उत्पाद तैयार करती है। इसमें कार्बन फाइबर कंपोजिट्स, मीडियम और लार्ज कैलिबर एम्युनिशन के असेंबली प्रोडक्ट्स, आर्मर्ड व्हीकल्स के हिस्से, आर्टिलरी गंस और मेन बैटल टैंक्स के लिए जरूरी कंपोनेंट्स शामिल हैं। इसके अलावा कंपनी ग्लास कंपोजिट्स और एल्यूमिनियम एलॉय जैसे आधुनिक मटेरियल पर भी काम कर रही है, जो आज की जरूरत बन चुके हैं।
मिनीरत्न कैटेगरी-I का क्या मतलब है
मिनीरत्न कैटेगरी-I का दर्जा मिलने के बाद यंत्र इंडिया लिमिटेड को ज्यादा वित्तीय और प्रशासनिक स्वतंत्रता मिलेगी। अब कंपनी का बोर्ड बिना सरकार की पूर्व अनुमति के 500 करोड़ रुपये तक का पूंजीगत खर्च कर सकेगा। इसका इस्तेमाल नए प्रोजेक्ट शुरू करने, मशीनरी खरीदने, तकनीक को अपग्रेड करने और उत्पादन क्षमता बढ़ाने में किया जा सकेगा।
इस फैसले से कंपनी की निर्णय लेने की रफ्तार तेज होगी और वह बाजार की जरूरतों के मुताबिक जल्दी कदम उठा सकेगी। रक्षा उत्पादन जैसे क्षेत्र में यह स्वतंत्रता बेहद अहम मानी जाती है।
रक्षा सुधारों की दिशा में बड़ा कदम
सरकार ने अक्टूबर 2021 में ऑर्डनेंस फैक्ट्री बोर्ड का कॉरपोरेटाइजेशन इसलिए किया था, ताकि रक्षा उत्पादन क्षेत्र में दक्षता बढ़ाई जा सके, इनोवेशन को बढ़ावा मिले और कंपनियां व्यावसायिक तरीके से काम कर सकें। यंत्र इंडिया लिमिटेड उन्हीं नई कंपनियों में से एक है, जो रक्षा उत्पादन विभाग के प्रशासनिक नियंत्रण में काम कर रही है।
इससे पहले मई 2025 में तीन अन्य रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों को भी मिनीरत्न-I का दर्जा दिया गया था। अब यंत्र इंडिया लिमिटेड का नाम भी इस सूची में जुड़ गया है।


