HomeDefence Newsमेडिकल डिलीवरी से बॉर्डर सर्विलांस तक; विंग्स इंडिया में AKSI Aerospace ने...

मेडिकल डिलीवरी से बॉर्डर सर्विलांस तक; विंग्स इंडिया में AKSI Aerospace ने लॉन्च किए दो नए Skyshipper और Skywing 90 यूएवी

Skywing 90 में एडवांस्ड स्टेबलाइजेशन सिस्टम दिया गया है, जिससे यह तेज हवा और मुश्किल मौसम में भी स्थिर उड़ान भर सकता है...

रक्षा समाचार WhatsApp Channel Follow US

📍हैदराबाद | 29 Jan, 2026, 1:02 PM

AKSI Aerospace drones: विंग्स इंडिया 2026 ने भारत की स्वदेशी ड्रोन इंडस्ट्री को नए पंख दिए हैं। हैदराबाद में चल रहे इस इवेंट में हैदराबाद की होमग्रोन कंपनी एकेएसआई एयरोस्पेस ने दो नए अनमैन्ड एरियल व्हीकल यानी यूएवी प्लेटफॉर्म लॉन्च किए। इनमें पहला है स्काईशिपर कार्गो ड्रोन और दूसरा स्काईविंग 90। इसके साथ ही कंपनी ने अपने पहले से चर्चित खेतपायलट एग्री एआई ड्रोन प्लेटफॉर्म को भी शोकेस किया।

विंग्स इंडिया एशिया का सबसे बड़ा सिविल एविएशन इवेंट माना जाता है, जो 28 से 31 जनवरी तक हैदराबाद में आयोजित हो रहा है। (AKSI Aerospace drones)

AKSI Aerospace drones: कौन है AKSI Aerospace

एकेएसआई एयरोस्पेस, AKSI Group का हिस्सा है और भारत की तेजी से उभरती यूएवी मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों में गिनी जाती है। यह कंपनी पूरी तरह इंडिजिनस डेवलपमेंट पर फोकस करती है। यानी डिजाइन से लेकर डेवलपमेंट और मैन्युफैक्चरिंग तक का काम भारत में ही किया जाता है।

कंपनी एग्रीकल्चर, इंडस्ट्रियल इंस्पेक्शन, कार्गो लॉजिस्टिक्स और जरूरत पड़ने पर मिलिट्री एप्लीकेशंस के लिए ड्रोन बनाती है। एकेएसआई एयरोस्पेस का अपना इन-हाउस प्रोडक्ट डेवलपमेंट सेंटर है और यह अपने ही विकसित किए गए केकेए ऑटोपायलट सिस्टम का इस्तेमाल करती है। इस सिस्टम में जियो-फेंसिंग, सेफ्टी लिमिट्स और कई तरह के बैक-अप फीचर्स दिए गए हैं, ताकि ड्रोन सुरक्षित और सटीक उड़ान भर सके। (AKSI Aerospace drones)

Skyshipper: कार्गो डिलीवरी ड्रोन

एकेएसआई एयरोस्पेस का पहला बड़ा लॉन्च है स्काईशिपर कार्गो ड्रोन। यह एक मल्टी-रोटर इलेक्ट्रिक यूएवी है, जिसे खास तौर पर कार्गो और लॉजिस्टिक्स के लिए डिजाइन किया गया है।

यह भी पढ़ें:  भारतीय नौसेना को मिली बड़ी तकनीकी कामयाबी, अब बिना चालक समुद्र में पेट्रोलिंग करेगी इंटरसेप्टर बोट

स्काईशिपर उन जगहों के लिए बेहद उपयोगी है, जहां जल्दी और सुरक्षित तरीके से सामान पहुंचाना जरूरी होता है। जैसे दूरदराज के इलाके, मेडिकल इमरजेंसी, दवाइयों की सप्लाई, इंडस्ट्रियल साइट्स और लास्ट-माइल डिलीवरी।

यह ड्रोन अधिकतम 52 किलो के वजन के साथ उड़ान भर सकता है और इसमें 30 किलो तक का पेलोड ले जाने की क्षमता है। एक बार चार्ज होने पर यह करीब 45 मिनट तक उड़ान भर सकता है। इसकी खासियत यह है कि यह हवा में टिककर (होवरिंग) भी काम कर सकता है, जो मेडिकल या सटीक डिलीवरी के लिए जरूरी होता है।

स्काईशिपर जैसे ड्रोन भारत में मेडिकल लॉजिस्टिक्स और ई-कॉमर्स डिलीवरी का तरीका बदल सकते हैं, खासकर पहाड़ी और ग्रामीण इलाकों में। (AKSI Aerospace drones)

AKSI Aerospace drones
AKSI Aerospace Launches New Indigenous Cargo and Surveillance Drones at Wings India 2026

Skywing 90: सर्विलांस ड्रोन

एकेएसआई एयरोस्पेस का दूसरा लॉन्च है Skywing 90। यह एक हाई-एंड्योरेंस क्वाडकॉप्टर है, यानी चार रोटर वाला ड्रोन, जिसे खास तौर पर रिकॉन्सेंस और सर्विलांस के लिए बनाया गया है।

Skywing 90 में एडवांस्ड स्टेबलाइजेशन सिस्टम दिया गया है, जिससे यह तेज हवा और मुश्किल मौसम में भी स्थिर उड़ान भर सकता है। इसमें हाई-परफॉर्मेंस इमेजिंग पेलोड लगाए जा सकते हैं, जैसे ईओ/आईआर कैमरा और हाई-रिजॉल्यूशन सेंसर।

इस तरह का ड्रोन सीमा पर निगरानी, संवेदनशील इलाकों की सुरक्षा, भीड़ पर नजर रखने और आपदा के समय स्थिति का आकलन करने में उपयोगी हो सकता है। रक्षा और सुरक्षा से जुड़े जानकारों का कहना है कि ऐसे ड्रोन ISR यानी इंटेलिजेंस, सर्विलांस और रिकॉन्सेंस के लिए बेहद अहम होते जा रहे हैं। (AKSI Aerospace drones)

KhetPilot: खेती को टेक्नोलॉजी से जोड़ने की कोशिश

एकेएसआई एयरोस्पेस का KhetPilot Agri AI प्लेटफॉर्म पहले से ही कंपनी की पहचान बन चुका है। विंग्स इंडिया में इसे एक बार फिर प्रमुखता से दिखाया गया। खेतपायलट का मकसद खेती को ज्यादा स्मार्ट, सटीक और टिकाऊ बनाना है। यह प्लेटफॉर्म AI और ड्रोन टेक्नोलॉजी की मदद से फसलों की सेहत की निगरानी करता है। इससे किसान यह जान पाते हैं कि किस हिस्से में खाद या कीटनाशक की जरूरत है और कहां नहीं।

यह भी पढ़ें:  Safran-DRDO Jet Engine India: डीआरडीओ और फ्रांस की सफरान मिल कर बनाएंगे AMCA का इंजन, लेकिन क्या वाकई होगा 100% टेक्नोलॉजी ट्रांसफर?

इससे न सिर्फ लागत कम होती है, बल्कि केमिकल का बेवजह इस्तेमाल भी घटता है। खेतपायलट का इस्तेमाल सीडिंग, प्रिसिजन स्प्रेइंग, अफॉरेस्टेशन और पर्यावरण से जुड़े कामों में भी किया जा रहा है। (AKSI Aerospace drones)

Author

  • News Desk

    रक्षा समाचार न्यूज डेस्क भारत की अग्रणी हिंदी रक्षा समाचार टीम है, जो Indian Army, Navy, Air Force, DRDO, रक्षा उपकरण, युद्ध रणनीति और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक खबरें पेश करती है। हम लाते हैं सटीक, सरल और अपडेटेड Defence News in Hindi। हमारा उद्देश्य है – "हर खबर, देश की रक्षा से जुड़ी।"

रक्षा समाचार WhatsApp Channel Follow US
News Desk
News Desk
रक्षा समाचार न्यूज डेस्क भारत की अग्रणी हिंदी रक्षा समाचार टीम है, जो Indian Army, Navy, Air Force, DRDO, रक्षा उपकरण, युद्ध रणनीति और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक खबरें पेश करती है। हम लाते हैं सटीक, सरल और अपडेटेड Defence News in Hindi। हमारा उद्देश्य है – "हर खबर, देश की रक्षा से जुड़ी।"

Most Popular