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One Month of India-China Disengagement: क्या चीन LAC पर रहा है पेट्रोलिंग समझौते का पालन? नियमित गश्त को लेकर यह बात आई सामने

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📍नई दिल्ली | 26 Nov, 2024, 4:51 PM

One Month of India-China Disengagement: भारत और चीन के बीच डिसएंगेजमेंट के एक महीने बाद, दोनों देशों ने लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) पर स्थित डेपसांग और डेमचोक क्षेत्रों में नियमित पेट्रोलिंग शुरू कर दी है। यह पेट्रोलिंग निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार हो रही है, जो 21 अक्टूबर को समझौते के बाद फिर से शुरू हुई है।

One Month of India-China Disengagement: Has China Adhered to Patrolling Agreement on LAC? Regular Patrols Proceeding Smoothly
File Photo

सूत्रों के अनुसार, डिसएंगेजमेंट समझौता होने के बाद, दोनों देशों ने डेपसांग और डेमचोक क्षेत्रों में साप्ताहिक पेट्रोलिंग की योजना बनाई थी। इस प्रोटोकॉल के तहत, दोनों देश हर सप्ताह एक-एक पेट्रोलिंग करेंगे, जिसके चलते दोनों देशों की तरफ से सप्ताह में दो पेट्रोलिंग की जा रही है।

पिछले महीने में भारतीय सैनिकों ने अब तक आठ पेट्रोलिंग पूरी की हैं, और यह सभी पेट्रोलिंग डिसएंगेजमेंट योजना के अनुसार सही तरीके से की गई हैं। भारतीय सैनिक उन सभी स्थानों पर पेट्रोलिंग कर रहे हैं, जहां वे अप्रैल 2020 से पहले नियमित रूप से गश्त करते थे। डेपसांग में पांच पेट्रोलिंग पॉइंट्स (PPs) निर्धारित हैं, जबकि डेमचोक में दो पॉइंट्स पर पेट्रोलिंग की योजना बनाई गई है।

सूत्रों ने बताया, “प्रोटोकॉल का पूरी तरह से पालन किया जा रहा है और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी नहीं आई है। पेट्रोलिंग की प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है और यह निर्धारित योजना के अनुसार की जा रही है।”

इस बीच, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संसद के मौजूदा सत्र में LAC की स्थिति पर एक बयान देने की योजना बनाई है। इसमें डिसएंगेजमेंट और पेट्रोलिंग के बारे में जानकारी दी जाएगी। उनके बयान से क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने के लिए उठाए जा रहे कदमों के बारे में और भी जानकारी मिलने की संभावना है।

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डेपसांग और डेमचोक क्षेत्रों में डिसएंगेजमेंट और पेट्रोलिंग की नियमित प्रक्रिया एक महत्वपूर्ण कदम है, जो LAC पर सामान्य स्थिति बहाल करने की दिशा में अहम है। यह LAC पर 2020 में गालवान घाटी की झड़प के बाद से चल रही तनावपूर्ण स्थिति को शांत करने की ओर बढ़ाया गया कदम है।

हालांकि, वर्तमान समझौता सीमा विवाद को सुलझाने में एक अहम पड़ाव साबित हुआ है, लेकिन अभी भी सभी तनावपूर्ण बिंदुओं पर पूरी तरह से डि-एस्केलेशन नहीं हुआ है। आगामी महीनों में दोनों देशों के बीच इस प्रोटोकॉल का पालन जारी रहने की उम्मीद है, जो LAC पर हालात को स्थिर रखने के लिए विश्वास बहाली के कदम के तौर पर कार्य करेगा।

LAC पर चल रहे पेट्रोलिंग समझौते के बावजूद, भारतीय सेना क्षेत्र में अपनी तैनाती बनाए रखे हुए है। यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए भारतीय सैनिक पूरी तरह से तैयार रहें।

भारत और चीन के बीच LAC पर शांति बनाए रखने की प्रक्रिया जारी है और यह दोनों देशों के रिश्तों में स्थिरता लाने के लिए एक अहम कदम साबित हो सकता है।

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    हरेंद्र चौधरी रक्षा पत्रकारिता (Defence Journalism) में सक्रिय हैं और RakshaSamachar.com से जुड़े हैं। वे लंबे समय से भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना से जुड़ी रणनीतिक खबरों, रक्षा नीतियों और राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित मुद्दों को कवर कर रहे हैं। पत्रकारिता के अपने करियर में हरेंद्र ने संसद की गतिविधियों, सैन्य अभियानों, भारत-पाक और भारत-चीन सीमा विवाद, रक्षा खरीद और ‘मेक इन इंडिया’ रक्षा परियोजनाओं पर विस्तृत लेख लिखे हैं। वे रक्षा मामलों की गहरी समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं।

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हरेंद्र चौधरी रक्षा पत्रकारिता (Defence Journalism) में सक्रिय हैं और RakshaSamachar.com से जुड़े हैं। वे लंबे समय से भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना से जुड़ी रणनीतिक खबरों, रक्षा नीतियों और राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित मुद्दों को कवर कर रहे हैं। पत्रकारिता के अपने करियर में हरेंद्र ने संसद की गतिविधियों, सैन्य अभियानों, भारत-पाक और भारत-चीन सीमा विवाद, रक्षा खरीद और ‘मेक इन इंडिया’ रक्षा परियोजनाओं पर विस्तृत लेख लिखे हैं। वे रक्षा मामलों की गहरी समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं।

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