📍नई दिल्ली | 8 Jan, 2026, 1:05 PM
Defence Budget 2026: भारत में रक्षा क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों पर निवेशकों की नजर लगातार बनी हुई है। खासतौर पर बजट 2026 से पहले डिफेंस सेक्टर को लेकर बाजार में सकारात्मक माहौल देखने को मिल रहा है। ब्रोकरेज फर्म चॉइस इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज का मानना है कि अब भारतीय रक्षा उद्योग एक नए दौर में प्रवेश कर चुका है, जहां नीतियों से आगे बढ़कर एक्जीक्यूशन यानी जमीन पर काम के नतीजे दिखने लगे हैं। इसी बदलाव के बीच चॉइस ने निवेश के लिहाज से कुछ डिफेंस शेयरों को बेहतर बताया है, जिनमें भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) और भारत डायनामिक्स लिमिटेड (बीडीएल) को अपनी टॉप पसंद बताया गया है। (Defence Budget 2026)
चॉइस के मुताबिक, भारतीय रक्षा सेक्टर अब उस दौर से बाहर निकल रहा है, जहां सिर्फ नई नीतियां और योजनाएं बनाई जा रही थीं। अब फोकस बड़े पैमाने पर ऑर्डर के एक्जीक्यूशन, समय पर सप्लाई और रिपीट बिजनेस पर आ गया है। इसका सीधा फायदा उन कंपनियों को मिल रहा है, जिनकी ऑर्डर बुक मजबूत है और जो पहले से ही सेना की जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभा रही हैं। (Defence Budget 2026)
ब्रोकरेज का कहना है कि डिफेंस प्रोग्राम अब डेवलपमेंट स्टेज से निकलकर स्केल्ड एक्जीक्यूशन के चरण में पहुंच रहे हैं। इसका मतलब यह है कि हथियार, सिस्टम, स्पेयर्स, अपग्रेड, गोला-बारूद और सब-सिस्टम्स की मांग अब ज्यादा नियमित हो रही है। इससे कंपनियों की आमदनी में उतार-चढ़ाव कम होगा और रेवन्यू प्रोफाइल ज्यादा स्मूद बनेगी। (Defence Budget 2026)
Defence Budget 2026: बीईएल और बीडीएल क्यों हैं पसंदीदा
बीईएल और बीडीएल दोनों ही कंपनियां डिफेंस सिस्टम के बेहद अहम सेगमेंट में काम करती हैं। बीईएल इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम्स, रडार, कम्युनिकेशन सिस्टम, एयर डिफेंस और सर्विलांस से जुड़े उत्पादों में मजबूत पकड़ रखती है। वहीं बीडीएल मिसाइल सिस्टम्स और हथियारों की सप्लाई में एक बड़ी सरकारी कंपनी है। चॉइस का मानना है कि इन दोनों कंपनियों को आने वाले समय में लगातार ऑर्डर मिलने की अच्छी संभावना दिख रही है।
ब्रोकरेज यह भी मानता है कि डिफेंस शेयरों में बीच-बीच में जो उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है, उसे लंबी अवधि के नजरिए से देखना चाहिए। क्योंकि सेक्टर का स्ट्रक्चरल ग्रोथ स्टोरी अभी भी मजबूत बनी हुई है। (Defence Budget 2026)
Defence Budget 2026: डिफेंस एक्सपोर्ट से मिल रहा है सपोर्ट
डिफेंस सेक्टर को मजबूती देने वाला एक और बड़ा फैक्टर है डिफेंस एक्सपोर्ट। सरकार का लक्ष्य है कि वित्त वर्ष 2029 तक भारत का रक्षा निर्यात 50,000 करोड़ रुपये तक पहुंच जाए। इसके पीछे वजह है भारतीय प्लेटफॉर्म्स को वैश्विक स्तर पर मिल रही स्वीकार्यता और भारत का ग्लोबल सप्लाई चेन में मजबूत होना।
चॉइस का कहना है कि जैसे-जैसे भारतीय कंपनियां इंटरनेशनल मार्केट में अपनी जगह बना रही हैं, वैसे-वैसे ऑर्डर विजिबिलिटी और रिपीट बिजनेस के मौके भी बढ़ते जाएंगे। इसका सीधा असर शेयरों की लंबी अवधि की परफॉर्मेंस पर पड़ सकता है। (Defence Budget 2026)
Defence Budget 2026: बजट से पहले डिफेंस शेयरों में तेजी
2026 की शुरुआत में ही डिफेंस शेयरों में अच्छी तेजी देखी गई है। बाजार को उम्मीद है कि आने वाले बजट में रक्षा क्षेत्र के लिए आवंटन बढ़ाया जा सकता है। इसी उम्मीद के चलते बीईएल, हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल), गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (जीआरएसई), एमटार टेक्नोलॉजीज और बीडीएल जैसे शेयरों में खरीदारी देखी गई है। (Defence Budget 2026)
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तेजी के पीछे मजबूत ऑर्डर बुक, बेहतर एक्जीक्यूशन और सरकार की ओर से आत्मनिर्भर भारत पर लगातार जोर अहम वजहें हैं। जनवरी की शुरुआत में निफ्टी डिफेंस इंडेक्स ने भी निफ्टी 50 से बेहतर प्रदर्शन किया है। (Defence Budget 2026)
Defence Budget 2026: सरकार के बड़े कॉन्ट्रैक्ट्स से बढ़ा भरोसा
वित्त वर्ष 2026 में अब तक सरकार रक्षा उपकरणों की खरीद के लिए करीब 1.82 ट्रिलियन रुपये के कॉन्ट्रैक्ट साइन कर चुकी है। इससे रक्षा मंत्रालय उस स्तर के करीब पहुंच गया है, जहां पिछले साल रिकॉर्ड 2.1 ट्रिलियन रुपये के सौदे हुए थे। इससे यह संकेत मिलता है कि आने वाले बजट में भी रक्षा खर्च को प्राथमिकता दी जा सकती है।
चॉइस इक्विटी ब्रोकिंग के मुताबिक, टेक्निकल एनालिसिस के आधार पर बीईएल, एचएएल, बीडीएल, जीआरएसई और एमटार टेक्नोलॉजीज जैसे शेयरों में आगे चलकर करीब 12 फीसदी तक का अपसाइड देखने को मिल सकता है। (Defence Budget 2026)
Defence Budget 2026: निवेशकों के लिए क्या मायने रखता है यह ट्रेंड
डिफेंस सेक्टर में बढ़ती गतिविधि यह दिखाती है कि सरकार और सेनाएं दोनों ही आधुनिकीकरण पर लगातार ध्यान दे रही हैं। मिसाइल सिस्टम, एयर डिफेंस, सर्विलांस और काउंटर ड्रोन जैसी क्षमताओं की जरूरत आने वाले समय में और बढ़ने वाली है। ऐसे में जिन कंपनियों की तकनीकी पकड़ मजबूत है और जिनका ट्रैक रिकॉर्ड भरोसेमंद है, वे निवेशकों के लिए बेहतर रिटर्न देने की स्थिति में नजर आ रही हैं। (Defence Budget 2026)
बजट से पहले बने इस माहौल में बीईएल, बीडीएल, एचएएल, जीआरएसई और एमटार टेक्नोलॉजीज जैसे शेयरों को लेकर बाजार में सकारात्मक सोच बनी हुई है। रक्षा क्षेत्र में लंबे समय के नजरिए से निवेश करने वाले निवेशकों के लिए यह सेक्टर एक मजबूत विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है। (Defence Budget 2026)


