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Pahalgam Terror Attack: पहलगाम हमले के आतंकियों के पास थे Xiaomi और Vivo के मोबाइल फोन

जांच में यह भी सामने आया है कि आतंकियों ने चीनी मूल के अल्ट्रा सैटेलाइट फोन का इस्तेमाल किया था, जिससे वे मोबाइल नेटवर्क न होने वाले इलाकों में भी पाकिस्तान से संपर्क कर पा रहे थे...

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📍नई दिल्ली | 18 Dec, 2025, 5:51 PM

Pahalgam Terror Attack: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए भीषण आतंकी हमले को लेकर राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी एनआईए की जांच में बड़ा खुलासा सामने आया है। जांच एजेंसी ने पाया है कि इस हमले में शामिल लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों ने चीनी कंपनियों के शाओमी और वीवो के एंड्रॉयड मोबाइल फोन इस्तेमाल किए थे। इनमें से दो मोबाइल पाकिस्तान के शहरों लाहौर और कराची से खरीदे गए थे।

एनआईए की ओर से जम्मू की एक अदालत में 1,597 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की गई है। इसमें इस हमले से जुड़े छह आरोपियों के नाम दर्ज हैं। चार्जशीट के अनुसार, हमले में शामिल तीन पाकिस्तानी आतंकी मारे जा चुके हैं, जबकि दो स्थानीय लोगों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।

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जांच एजेंसी के मुताबिक, मारे गए तीन पाकिस्तानी आतंकियों की पहचान फैसल जट्ट उर्फ सुलेमान शाह, हबीब ताहिर उर्फ जिब्रान और हमजा अफगानी के रूप में हुई है। ये आतंकी पहलगाम हमले के बाद श्रीनगर के बाहरी इलाके में स्थित दाचीगाम जंगल में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए थे।

एनआईए को इन आतंकियों के पास से तीन एंड्रॉयड मोबाइल फोन मिले थे। इनमें दो शाओमी रेडमी नोट-9 और शाओमी रेडमी नोट-12 थे। जांच के दौरान शाओमी कंपनी ने पुष्टि की कि ये दोनों मोबाइल फोन पाकिस्तान के लाहौर और कराची में बेचे गए थे। यह जानकारी जांच में एक अहम सबूत के तौर पर सामने आई है।

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तीसरा मोबाइल फोन वीवो कंपनी का है, जिसकी जांच अभी जारी है। एनआईए यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह फोन कहां से खरीदा गया था और इसका इस्तेमाल किस तरह किया गया।

इस तकनीकी जांच में नेशनल टेक्निकल रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (एनटीआरओ) भी एनआईए की मदद कर रहा है। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आतंकियों ने इन मोबाइल फोन के जरिए किस तरह योजना बनाई और पाकिस्तान में बैठे अपने हैंडलरों से संपर्क रखा।

चार्जशीट में प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा और उसके फ्रंट संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) का नाम भी शामिल किया गया है। जांच एजेंसी का कहना है कि हमले की योजना, फंडिंग और संचालन पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क के जरिए किया गया।

जांच में यह भी सामने आया है कि आतंकियों ने चीनी मूल के अल्ट्रा सैटेलाइट फोन का इस्तेमाल किया था, जिससे वे मोबाइल नेटवर्क न होने वाले इलाकों में भी पाकिस्तान से संपर्क कर पा रहे थे। इन सैटेलाइट डिवाइस में खास चिप्स और इंटरनल एंटीना लगे होते हैं, जो सीधे चीनी सैटेलाइट से जुड़ जाते हैं।

22 अप्रैल को पहलगाम के पर्यटन क्षेत्र के पास हुए इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी और कई अन्य घायल हुए थे। इस हमले के बाद कश्मीर में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया गया और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। इस आतंकी हमले के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान के अंदर आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई की थी।

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