📍नई दिल्ली | 4 Aug, 2025, 6:56 PM
Joint Expedition in Pangong Tso: लद्दाख के दुर्गम और हाई एल्टीट्यूड इलाके पैंगोंग त्सो में भारतीय मााउंटेनियरिंग टीम ने अपना परचम फहराया है। देश के तीन प्रमुख राष्ट्रीय पर्वतारोहण संस्थानों जवाहर इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग एंड विंटर स्पोर्ट्स (JIM&WS) पहलगाम, नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग (NIM) उत्तरकाशी, और हिमालयन माउंटेनियरिंग इंस्टीट्यूट (HMI) दार्जिलिंग की एक संयुक्त टीम ने 6,480 मीटर ऊंचे माउंट मेरक-III और 6,710 मीटर ऊंचे माउंट कांगजु कांगरी की सफलतापूर्वक चढ़ाई की।

इस अभियान की शुरुआत 24 जुलाई, 2025 को सोनमर्ग से हुई, जिसे जेआईएमएंडडब्ल्यूएस पहलगाम के प्रिंसिपल कर्नल हेम चंद्र सिंह ने झंडी दिखाकर रवाना किया और नेतृत्व किया। इस अभियान में तीनों संस्थानों के अनुभवी पर्वतारोहियों ने हिस्सा लिया, जिनके नाम हैं:
इस पर्वतारोहण अभियान का नेतृत्व पहलगाम स्थित जवाहर इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग एंड विंटर स्पोर्ट्स के प्रिंसिपल कर्नल हेम चंद्र सिंह ने किया। इस अभियान में तीनों संस्थानों के 8 अनुभवी इंस्ट्रक्टर्स ने हिस्सा लिया 24 जुलाई 2025 को इस अभियान को सोनमर्ग से रवाना किया गया।
टीम के सदस्यों में कर्नल हेम चंद्र सिंह, सुबेदार मेजर/मानद लेफ्टिनेंट (रिटा.) रफीक अहमद मलिक (JIM&WS), हवलदार सज्जाद हुसैन (JIM&WS), नायक भारत सिंह (JIM&WS), हवलदार/नर्सिंग असिस्टेंट योगेश (JIM&WS), सुबेदार मेजर हजारी लाल (NIM), नायब सुबेदार भूपेंद्र सिंह (NIM), रोबिन गुरंग (HMI) और जुबिन राय (HMI) शामिल थे।
कर्नल हेम चंद्र सिंह के नेतृत्व में इस अभियान को सावधानीपूर्वक योजना और तैयारी के साथ अंजाम दिया गया। अभियान की शुरुआत से पहले, सभी सदस्यों ने कठिन प्रशिक्षण लिया और क्षेत्र की भौगोलिक और मौसमी परिस्थितियों का गहन अध्ययन किया। यह सुनिश्चित किया गया कि प्रत्येक पर्वतारोही शारीरिक रूप से फिट और मानसिक रूप से तैयार हो।
पैंगोंग त्सो क्षेत्र की ये चोटियां अपने मुश्किल इलाकों, बर्फीले तूफानों और बदलते मौसम के लिए जानी जाती हैं। अत्याधिक ठंड, ऑक्सीजन की कमी, खड़ी चढ़ाई, हिमस्खलन (एवलांच) और ग्लेशियर हर कदम पर चुनौती बनते हैं। इन सबके बावजूद, टीम ने डटे रहकर दोनों चोटियों को सफलतापूर्वक फतेह किया।