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Indian Army Internship Program: भारतीय सेना ने लॉन्च किया इंटर्नशिप प्रोग्राम, नई उभरती टेक्नोलॉजी में युवाओं को देगी ट्रेनिंग

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📍नई दिल्ली | 23 Nov, 2024, 12:25 PM

Indian Army Internship Program: भारतीय सेना ने अपने मॉर्डेनाइजेशन के प्रयासों को जारी रखते हुए युवाओं के लिए खास इंटर्नशिप कार्यक्रम शुरू किया है, जो तकनीकी रूप से दक्ष युवाओं को सेना के साथ उभरती हुई तकनीकों के क्षेत्र में काम करने का अवसर प्रदान करेगा। इस पहल का उद्देश्य युवाओं को नई तकनीकों, जैसे साइबर सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग (ML), और सूचना युद्ध के क्षेत्र में ट्रेनिंग देना है। यह कदम सेना को भविष्य की युद्ध रणनीतियों के लिए तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

Indian Army Internship Program: Empowering Youth with Training in Emerging Technologies
Deputy Chief of Army Staff (DCOAS) Lt. Gen. Rakesh Kapoor

तकनीक को लेकर क्या सोचती है सेना

शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में भारतीय सेना के उप प्रमुख (सूचना प्रणाली और संचार) लेफ्टिनेंट जनरल राकेश कपूर ने बताया कि सेना अब केवल विशेषज्ञों की भर्ती तक सीमित नहीं है, बल्कि इंटर्नशिप कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को आधुनिक तकनीकों से परिचित कराने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने यह भी बताया कि 2024-25 को “Technology Absorption Year” घोषित किया गया है।

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उन्होंने कहा, “यूक्रेन युद्ध ने यह साबित कर दिया है कि साइबर और डिजिटल युद्ध रणनीतियों का महत्व लगातार बढ़ रहा है। इसे ध्यान में रखते हुए सेना ने ऐसे विशेषज्ञों को जोड़ने का निर्णय लिया है, जो इन टेक्नोलॉजी में एक्सपर्ट हों।”

भर्ती प्रक्रिया और नई जरूरतें

इस कार्यक्रम के तहत सेना न केवल नियमित बलों में, बल्कि टेरिटोरियल आर्मी (TA) में भी साइबर सुरक्षा, क्वांटम कंप्यूटिंग और ब्लॉकचेन जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञों की भर्ती कर रही है। अधिकारियों के लिए पोस्टग्रेजुएट डिग्री और जूनियर कमीशंड अधिकारियों (JCO) के लिए ग्रेजुएट डिग्री आवश्यक है।

भर्ती प्रक्रिया के अलावा, सेना ने अपने इंटर्नशिप कार्यक्रम को प्रधानमंत्री इंटर्नशिप मिशन (PM Internship Scheme 2024) के तहत भी शामिल किया है। इस पहल का उद्देश्य युवाओं को सेना की तकनीकी आवश्यकताओं से जोड़ना और उन्हें रक्षा प्रौद्योगिकी में करियर बनाने के लिए प्रेरित करना है।

इंटर्नशिप का महत्व

यह कार्यक्रम युवा पेशेवरों और छात्रों को सेना की साइबर सुरक्षा टीमों, AI रिसर्च यूनिट्स, और इनोवेशंस सेल्स के साथ काम करने का मौका देगा। इसके अलावा, इंटर्न को संयुक्त राष्ट्र शांति अभियान और “सेंटर फॉर लैंड वॉरफेयर स्टडीज” जैसे क्षेत्रों में योगदान का अवसर मिलेगा।

इस पहल का उद्देश्य युवाओं को सेना की आधुनिक तकनीकी परियोजनाओं से जोड़ना और उन्हें रोबोटिक्स, 5G, और ब्लॉकचेन जैसे क्षेत्रों में व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना है।

अन्य देशों से प्रेरणा

पूरी दुनिया में कई देश इस तरह के प्रोग्राम चला रहे हैं। अमेरिका और इजराइल जैसे देश पहले ही साइबर सुरक्षा और डिजिटल युद्ध क्षेत्रों में विशेषज्ञों को जोड़ने के लिए प्रभावी कार्यक्रम चला रहे हैं। भारतीय सेना भी इन देशों से प्रेरणा लेते हुए नई प्रतिभाओं को जोड़ने की कोशिश कर रही है।

भारतीय सेना का यह कदम युवाओं को आधुनिक तकनीकों में दक्ष बनाते हुए उन्हें सेना की भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करेगा। यह कार्यक्रम न केवल सेना को तकनीकी रूप से सशक्त बनाएगा, बल्कि युवाओं को राष्ट्रीय सुरक्षा में योगदान देने का अवसर भी प्रदान करेगा।

भारतीय सेना का यह इंटर्नशिप कार्यक्रम न केवल युवाओं के लिए एक सीखने का मंच बनेगा, बल्कि उन्हें देश की सुरक्षा में योगदान देने का गौरव भी प्रदान करेगा।

हरेंद्र चौधरीhttp://harendra@rakshasamachar.com
हरेंद्र चौधरी रक्षा पत्रकारिता (Defence Journalism) में सक्रिय हैं और RakshaSamachar.com से जुड़े हैं। वे लंबे समय से भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना से जुड़ी रणनीतिक खबरों, रक्षा नीतियों और राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित मुद्दों को कवर कर रहे हैं। पत्रकारिता के अपने करियर में हरेंद्र ने संसद की गतिविधियों, सैन्य अभियानों, भारत-पाक और भारत-चीन सीमा विवादों, रक्षा खरीद और ‘मेक इन इंडिया’ रक्षा परियोजनाओं पर विस्तृत लेख लिखे हैं। वे रक्षा मामलों की गहरी समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं। 📍 Location: New Delhi, in 🎯 Area of Expertise: Defence, Diplomacy, National Security
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