📍नई दिल्ली | 4 Feb, 2026, 6:32 PM
India Kyrgyzstan Exercise KHANJAR: भारत और किर्गिस्तान के बीच जॉइंट स्पेशल फोर्सेस एक्सरसाइज खंजर का 13वां संस्करण असम के मिसामारी में शुरू हो गया है। यह सैन्य अभ्यास 4 फरवरी से 17 फरवरी तक चलेगा। यह अभ्यास हर साल भारत और किर्गिस्तान में बारी-बारी से आयोजित किया जाता है। खंजर का पिछला संस्करण मार्च 2025 में किर्गिस्तान में हुआ था।
इस अभ्यास में भारतीय सेना और किर्गिस्तान की स्पेशल फोर्सेस के जवान हिस्सा ले रहे हैं। दोनों देशों की सेनाएं इस दौरान आतंकवाद विरोधी अभियानों और विशेष सैन्य अभियानों से जुड़े अनुभव साझा करेंगी। अभ्यास का मकसद शहरी और पहाड़ी इलाकों में संयुक्त सैन्य क्षमताओं को बेहतर बनाना है।
भारतीय सेना की ओर से 20 जवान इस अभ्यास में शामिल हैं। ये जवान पैराशूट रेजिमेंट (स्पेशल फोर्सेज) से हैं, जो भारतीय सेना की एलिट स्पेशल फोर्स यूनिट मानी जाती है। किर्गिस्तान की ओर से भी 20 जवान भाग ले रहे हैं, जो आईएलबीआरआईएस स्पेशल फोर्सेज ब्रिगेड से हैं। (India Kyrgyzstan Exercise KHANJAR)
India Kyrgyzstan Exercise KHANJAR: मिसामारी में क्यों हो रहा है अभ्यास
यह संयुक्त सैन्य अभ्यास असम के मिसामारी इलाके में आयोजित किया जा रहा है। यह इलाका पहाड़ी और घने जंगलों वाला है। यह क्षेत्र शहरी और पर्वतीय दोनों तरह के सैन्य अभ्यास के लिए उपयुक्त माना जाता है। यहां जवानों को वास्तविक युद्ध जैसी परिस्थितियों में ट्रेनिंग मिलती है, जिससे उनकी ऑपरेशनल तैयारी को मजबूती मिलती है। (India Kyrgyzstan Exercise KHANJAR)
आतंकवाद विरोधी अभियानों पर फोकस
खंजर अभ्यास का मुख्य उद्देश्य आतंकवाद से निपटने से जुड़े अनुभवों और सर्वोत्तम तरीकों का आदान-प्रदान करना है। इस दौरान दोनों देशों के स्पेशल फोर्सेस जवान शहरी इलाकों में आतंकवाद विरोधी अभियान, पहाड़ी क्षेत्रों में मूवमेंट और रणनीति, तथा विशेष सैन्य कार्यों से जुड़े अभ्यास करेंगे।
इस अभ्यास में स्नाइपिंग, मु्श्किल इमारतों में प्रवेश और उन्हें सुरक्षित करने की तकनीक, तथा पहाड़ी युद्ध कौशल पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इन गतिविधियों के जरिए जवानों को अलग-अलग परिस्थितियों में मिलकर काम करने का अवसर मिलेगा। (India Kyrgyzstan Exercise KHANJAR)
2011 में शुरू हुई थी खंजर एक्सरसाइज
भारत और किर्गिस्तान के बीच खंजर अभ्यास की शुरुआत वर्ष 2011 में हुई थी। इसका पहला संस्करण हिमाचल प्रदेश के नाहन में आयोजित किया गया था। शुरुआती दौर में यह अभ्यास सीमित स्तर पर था, लेकिन समय के साथ इसका दायरा बढ़ता गया।
2015 के बाद से यह अभ्यास हर साल आयोजित किया जाने लगा और इसे वार्षिक अभ्यास का रूप दिया गया। तब से यह भारत और किर्गिस्तान के बीच सबसे महत्वपूर्ण स्पेशल फोर्सेस अभ्यास बन चुका है। हर संस्करण में दोनों देशों के लगभग 20-20 जवान हिस्सा लेते हैं। (India Kyrgyzstan Exercise KHANJAR)
पिछले सालों में खंजर अभ्यास भारत और किर्गिस्तान दोनों में आयोजित किया गया है। भारत में यह अभ्यास हिमाचल प्रदेश, मिजोरम और अब असम जैसे इलाकों में हुआ है, जबकि किर्गिस्तान में यह टोकमोक और अन्य सैन्य प्रशिक्षण क्षेत्रों में आयोजित किया गया। हर बार अभ्यास के दौरान आतंकवाद विरोधी अभियान, पहाड़ी युद्ध और स्पेशियल मिलिट्री स्किल्स पर फोकस रखा गया। (India Kyrgyzstan Exercise KHANJAR)



