📍नई दिल्ली | 27 Jan, 2026, 4:07 PM
Republic Day 2026 lawyer officers: 77वें गणतंत्र दिवस परेड में इस बार कर्तव्य पथ पर सिर्फ हथियारों और सैन्य ताकत की झलक ही नहीं दिखी, बल्कि भारतीय सेनाओं की बदलती सोच और नई पीढ़ी की तस्वीर भी सामने आई। गणतंत्र दिवस परेड में एक खास बात यह रही कि दो ऐसे सैन्य अधिकारी महत्वपूर्ण कंटिंजेंट्स का नेतृत्व करते नजर आए, जिनकी पढ़ाई-लिखाई का बैकग्राउंड कानून यानी लॉ से जुड़ा हुआ है। (Republic Day 2026 lawyer officers)
Republic Day 2026 lawyer officers: जब लॉ यूनिवर्सिटी से निकलकर पहनी सेना की वर्दी
इस गणतंत्र दिवस परेड में लेफ्टिनेंट अमित चौधरी और असिस्टेंट कमांडेंट लक्षिता सिंह दो ऐसे नाम रहे, जिन्होंने अपने नेतृत्व से लोगों का ध्यान खींचा। दोनों ने देश की सेवा के लिए लॉ की पढ़ाई के बाद सैन्य सेवा का रास्ता चुना और आज वे उसी कर्तव्य पथ पर मार्चिंग कंटिंजेंट्स का नेतृत्व करते दिखे। (Republic Day 2026 lawyer officers)
लेफ्टिनेंट अमित चौधरी: कानून से सीमा सुरक्षा तक का सफर
लेफ्टिनेंट अमित चौधरी ने मिक्स्ड स्काउट्स मार्चिंग कंटिंजेंट का नेतृत्व किया। यह कंटिंजेंट खास इसलिए था क्योंकि इसमें भारत की ऊंचाई वाले सीमावर्ती इलाकों में तैनात स्काउट्स यूनिट्स शामिल थीं।
लेफ्टिनेंट अमित ने नेशनल लॉ इंस्टीट्यूट यूनिवर्सिटी (एनएलआईयू), भोपाल से कानून की पढ़ाई की है। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने भारतीय सेना की जज एडवोकेट जनरल (जैग) ब्रांच को चुना, जो सेना की कानूनी शाखा होती है। जैग ऑफिसर्स सेना को कानूनी सलाह देने, कोर्ट मार्शल और मिलिट्री लॉ से जुड़े मामलों को संभालने का काम करते हैं। (Republic Day 2026 lawyer officers)
खास बात यह है कि लेफ्टिनेंट अमित दूसरी पीढ़ी के आर्मी ऑफिसर हैं। उनके पिता भी 1990 में गणतंत्र दिवस परेड में हिस्सा ले चुके हैं। बचपन से परेड देखना, मार्चिंग की आवाज सुनना और सेना का माहौल उनके जीवन का हिस्सा रहा। 2026 में वही सपना उन्होंने खुद पूरा किया। (Republic Day 2026 lawyer officers)
मिक्स्ड स्काउट्स कंटिंजेंट की खासियत
लेफ्टिनेंट अमित जिस कंटिंजेंट का नेतृत्व कर रहे थे, उसमें अरुणाचल स्काउट्स, गढ़वाल स्काउट्स, लद्दाख स्काउट्स, सिक्किम स्काउट्स, डोगरा स्काउट्स और कुमाऊं स्काउट्स जैसी यूनिट्स शामिल थीं। ये यूनिट्स ऊंचाई वाले और कठिन इलाकों में काम करने के लिए जानी जाती हैं।
इनका काम सीमा पर निगरानी रखना, दुर्गम इलाकों में गश्त करना और जरूरत पड़ने पर तेजी से कार्रवाई करना होता है। परेड में यह कंटिंजेंट पहली बार इस मिश्रित रूप में शामिल हुआ और उसने दृढ़ता और अनुशासन का संदेश दिया। (Republic Day 2026 lawyer officers)
लॉ ग्रेजुएट हैं कोस्ट गार्ड में असिस्टेंट कमांडेंट लक्षिता सिंह
गणतंत्र दिवस परेड में दूसरा खास चेहरा रहीं असिस्टेंट कमांडेंट लक्षिता सिंह। उन्होंने इंडियन कोस्ट गार्ड के महिला कंटिंजेंट का नेतृत्व करने वाली टीम का हिस्सा बनकर परेड में मार्च किया।
लक्षिता ने ओ.पी. जिंदल ग्लोबल लॉ स्कूल से कानून की पढ़ाई की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन कोस्ट गार्ड जॉइन किया और आज असिस्टेंट कमांडेंट के पद पर देश की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा में तैनात हैं।
यह कोस्ट गार्ड का ऑल-वुमन कंटिंजेंट था, जिसने आत्मविश्वास और सटीक कदमताल के साथ कर्तव्य पथ पर मार्च किया। यह दृश्य न सिर्फ महिला सशक्तिकरण का प्रतीक बना, बल्कि यह भी दिखाया कि आज महिलाएं हर मोर्चे पर नेतृत्व की भूमिका निभा रही हैं। (Republic Day 2026 lawyer officers)
समुद्री सुरक्षा की जिम्मेदारी
इंडियन कोस्ट गार्ड का काम समुद्र में देश की सुरक्षा करना, तटीय इलाकों की निगरानी रखना, सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन चलाना और तस्करी व समुद्री अपराधों को रोकना होता है। परेड में इस कंटिंजेंट की मौजूदगी ने समुद्री सुरक्षा के महत्व को रेखांकित किया।
77वें गणतंत्र दिवस परेड की थीम “वंदे मातरम के 150 वर्ष” पर आधारित थी। परेड में ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े हथियार, आधुनिक सैन्य प्लेटफॉर्म और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की झलक भी देखने को मिली।
लेकिन इन सबके बीच लॉ ग्रेजुएट ऑफिसर्स का नेतृत्व यह संदेश दे गया कि भारतीय सेनाएं अब विविध पृष्ठभूमि वाले युवाओं के लिए भी खुली हैं। आज सेना में केवल फिजिकल फिटनेस ही नहीं, बल्कि सोच, शिक्षा और बहुमुख प्रतिभा के धनी स्टूडेंट्स को भी महत्व दिया जा रहा है। (Republic Day 2026 lawyer officers)


