📍नई दिल्ली | 1 Aug, 2025, 7:37 PM
Tank Transporter Trailers: भारतीय सेना ने भारी भरकम टैंकों को जल्द से जल्द मूवमेंट कराने के लिए बड़ा फैसला लिया है। सेना ने नए ट्रांसपोर्टर ट्रेलर खरीदने के लिए बेंगलुरु की निजी कंपनी एक्सिसकेड्स एयरोस्पेस एंड टेक्नोलॉजीज़ प्राइवेट लिमिटेड (Axiscades Aerospace and Technologies Pvt. Ltd.) के साथ 223.95 करोड़ रुपये का करार किया है। जिसके बाद जल्द ही सेना के पास ऐसे खास ट्रक होंगे, जिनसे भारी टैंक और बख्तरबंद गाड़ियां एक जगह से दूसरी जगह जल्दी और आसानी से पहुंचाई जा सकेंगी।
क्या होते हैं ये Tank Transporter Trailers?
ये ट्रेलर बड़े और मजबूत ट्रक जैसे होते हैं, जिन पर युद्धक टैंक या बख्तरबंद (आर्मर्ड) वाहनों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यह बिल्कुल वैसे ही होता है जैसे कोई ट्रेलर ट्रक कारों को लेकर जाता है, बस फर्क इतना है कि ये बहुत बड़े और शक्तिशाली होते हैं। सेना के नए ट्रांसपोर्टर ट्रेलर आधुनिक तकनीक से लैस हैं। इनमें हाइड्रॉलिक और न्यूमैटिक रैंप लगे हैं। इनकी मदद से बख्तरबंद वाहन या टैंक आसानी से और जल्दी ट्रेलर पर चढ़ाए और उतारे जा सकेंगे। जिससे समय की बचत होती है। इनमें लगे स्टीयरेबल और लिफ्टेबल एक्सल्स ट्रेलर को संकरे और मुश्किल रास्तों पर भी आसानी से मोड़ने और चलाने में सक्षम बनाते हैं। साथ ही, ये एक्सल्स ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर ट्रेलर को स्थिर रखते हैं।
🚛🇮🇳 Indian Army Boosts Mobility!
On 1st Aug 2025, the Indian Army signed a ₹223.95 Cr contract with Axiscades Aerospace for 212 New-Gen 50 Ton Tank Transporter Trailers under the Buy (Indian-IDDM) category.
🛠️ Features:
• Hydraulic/pneumatic ramps
• Steerable & liftable axles… pic.twitter.com/a4Vn59jOnG— Raksha Samachar | रक्षा समाचार 🇮🇳 (@RakshaSamachar) August 1, 2025
सेना को क्यों है जरूरत
सेना ने भारतीय कंपनी मैसर्स एक्सिसकेड्स एयरोस्पेस एंड टेक्नोलॉजीज़ से 212 नए ट्रांसपोर्टर ट्रेलर खरीदने का करार किया है। इस करार के तहत सेना को 212 नए-पीढ़ी के 50 टन टैंक ट्रांसपोर्टर ट्रेलर मिलेंगे। इन ट्रेलरों के सेना में आने से बहुत फायदा होगा। अब सेना किसी भी जगह पर टैंक और बख्तरबंद गाड़ियां जल्दी और सुरक्षित तरीके से भेज पाएगी। सेना के लिए ये ट्रेलर एक ‘फोर्स मल्टीप्लायर’ की तरह काम करेंगे। इससे युद्ध की स्थिति में सेना का बहुत समय बचेगा और उसका जवाब देने की क्षमता में बढ़ोतरी होगी। 50 टन वजन उठाने की क्षमता के साथ ये ट्रेलर भारतीय सेना के भारी टैंकों जैसे अर्जुन और टी-90 को आसानी से ले जा सकते हैं। इसके अलावा ये ट्रेलर रेगिस्तान की गर्मी, पहाड़ों की ठंड और मैदानी क्षेत्रों की नमी में भी बिना रुके काम कर सकते हैं।
ट्रेलर पूरी तरह से भारत में डिजाइन और निर्मित
इस करार पर ‘बाय (इंडियन–आईडीडीएम)’ यानी ‘भारतीय–डिज़ाइन, डेवलपमेंट और मैन्युफैक्चरिंग’ श्रेणी के तहत दस्तखत किए हगए हैं। आईडीडीएम यानी ‘इंडिजनसली डिजाइंड, डेवलप्ड एंड मैन्युफैक्चर्ड’ का मतलब है कि ये ट्रेलर पूरी तरह से भारत में डिजाइन और निर्मित किए गए हैं। सरकार चाहती है कि भारत अब रक्षा उपकरणों के लिए बाहर के देशों पर कम निर्भर रहे और ज़्यादा से ज़्यादा चीजें भारत में ही बने। इसी सोच के तहत ये ट्रेलर एक भारतीय कंपनी से खरीदे जा रहे हैं। इन ट्रेलर का डिज़ाइन, तकनीक और निर्माण सब कुछ भारत में ही हुआ है। इससे हमारे देश की कंपनियों को भी बढ़ावा मिलेगा और देश के पैसे भी यहीं पर खर्च होंगे।
इसके अलावा जब ऐसे ट्रेलर भारत में बनेंगे तो उससे बहुत सारे लोगों को रोजगार मिलेगा। इसमें इंजीनियर, मिस्त्री, तकनीशियन, ड्राइवर और दूसरी सहायक इंडस्ट्रीज़ के लोग शामिल होंगे। साथ ही इन ट्रेलरों की मरम्मत, देखभाल और प्रशिक्षण के लिए भी कई लोगों को ज़रूरत पड़ेगी।
सेना लगातार बदलते हालात और तकनीक को देखते हुए खुद को अपडेट कर रही है। इन ट्रेलरों की मदद से सेना का लॉजिस्टिक सिस्टम और भी मज़बूत होगा, जिससे वो आने वाली किसी भी चुनौती का आसानी से सामना कर सकेगी।