📍नई दिल्ली | 8 Aug, 2025, 1:23 PM
Indian Army Rudra Brigades: भारतीय सेना ने चीन से लगी उत्तरी सीमा पर नई ‘रुद्र’ ब्रिगेड को तैनात करने का फैसला किया है। यह वहीं ब्रिगेड है जिसका एलान सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने 26वें कारगिल विजय दिवस पर द्रास में किया था। सूत्रों के अनुसार, इनमें से एक ब्रिगेड पूर्वी लद्दाख में और दूसरी सिक्किम में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पास तैनात की जाएगी। इन ब्रिगेड्स को आधुनिक हथियारों, आर्मर्ड ड्रोन, लॉइटरिंग म्यूनिशन, मिसाइलों और कमांडो यूनिट्स से लैस किया जाएगा।
Indian Army Rudra Brigades: रुद्र जल्द होगी ऑपरेशनलाइज
सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस के मौके पर ‘रुद्र’ ब्रिगेड्स बनाने की घोषणा की थी। सूत्रों ने बताया कि अगले कुछ महीनों में दोनों रुद्र ब्रिगेड्स को पूरी तरह से ऑपरेशनलाइज करने का लक्ष्य है। यह कदम एलएसी जैसे रणनीतिक रूप से संवेदनशील इलाकों में सेना की युद्धक क्षमताओं को रीऑर्गेनाइज्ड करने की रणनीति का हिस्सा है। भारत और चीन के बीच एलएसी वास्तविक सीमा के रूप में कार्य करती है, और यहां तनाव को देखते हुए सेना अपनी ताकत को और मजबूत करना चाहती है।
🚁 Uttarkashi Flood Relief | Speed in Disaster Relief 🇮🇳
Mi-17 and Chinook helicopters are ferrying relief material and essential personnel from Dharasu to Harsil.
Chinook in action – carrying heavy loads to Harsil to ensure disaster relief and management without delay.@IAF_MCC… pic.twitter.com/YYmiUvWeqa— Raksha Samachar | रक्षा समाचार 🇮🇳 (@RakshaSamachar) August 8, 2025
पारंपरिक ब्रिगेड्स में आमतौर पर 3,000 से 3,500 जवान होते हैं और ये इन्फैंट्री या आर्मर्ड यूनिट्स पर फोकस करती हैं। लेकिन रुद्र ब्रिगेड्स अलग होंगी। इसमें कई प्रकार की कॉम्बैट यूमिट्स को एक साथ जोड़ा जाएगा, ताकि एक ही ब्रिगेड जमीन पर सीधा मुकाबला कर सके, बख्तरबंद गाड़ियों और टैंकों के साथ तेजी से आगे बढ़ सके, दूर से आर्टिलरी के जरिए भारी गोलाबारी कर सके और स्पेशल मिशनों के लिए प्रशिक्षित कमांडो भी तैनात कर सके। इनके साथ इनमें ड्रोन भी शामिल होंगे, जो निगरानी और सटीक हमलों के लिए इस्तेमाल किए जाएंगे। इसके अलावा, एक मजबूत लॉजिस्टिक्स और कॉम्बैट सपोर्ट सिस्टम भी होगा, जो हर परिस्थिति में ब्रिगेड की सप्लाई और सपोर्ट देगा।
Indian Army Rudra Brigades: ‘भैरव’ और ‘शक्तिबाण’ यूनिट्स
रुद्र ब्रिगेड्स की ताकत बढ़ाने के लिए ‘भैरव’ नामक नई लाइट कमांडो बटालियन भी तैयार की जा रही हैं। ये स्पेशल फोर्सेज की तरह जल्द कार्रवाई करने वाले दस्ते होंगे, जो मौजूदा ‘घातक’ प्लाटून की मदद करेंगे, जो वर्तमान में नियंत्रण रेखा (एलओसी) और आतंकवाद-रोधी भूमिकाओं में तैनात हैं। आर्टिलरी में ‘शक्तिबाण’ आर्टिलरी रेजीमेंट बनाई जा रही हैं, जो ड्रोन वॉरफेयर और ‘लॉइटरिंग म्यूनिशन’ में एक्सपर्ट होगी।
रुद्र ब्रिगेड्स में ‘दिव्यास्त्र’ बैटरियां
रुद्र ब्रिगेड्स में ‘दिव्यास्त्र’ बैटरियों को भी शामिल किया जाएगा। ये इन्फैंट्री की बटालियन होंगी, जो ड्रोन और स्वदेशी एयर डिफेंस सिस्टम से लैस रहेंगी। ये यूनिट्स सेना की ‘लेयर्ड एयर डिफेंस’ रणनीति का हिस्सा हैं, जिसने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के ड्रोन हमलों को नाकाम किया था।
नई यूनिट्स नहीं
खास बाात यह होगी कि रूद्र ब्रिगेड्स के लिए नई यूनिट्स खड़ी नहीं की जाएंगी, बल्कि मौजूदा यूनिट्स को नए तरीके से ऑर्गेनाइज्ड और रीडिप्लॉयमेंट किया जाएगा। इसका उद्देश्य ऑपरेशनल जरूरतों के मुताबिक फोर्स स्ट्रक्चर को तैयार करना है।
साल 2023 में सेना के शीर्ष अधिकारियों ने चरणबद्ध तरीके से सेना के पुनर्गठन की योजना शुरू की थी। इसका मकसद सेना को ज्यादा फुर्तीला, सक्षम और तकनीकी रूप से आधुनिक बनाना है। इस दिशा में ‘इंटीग्रेटेड बैटल-रेडी ब्रिगेड्स’ के कॉन्सेप्ट को पंजाब में सैन्य अभ्यासों के दौरान सफलतापूर्वक परखा गया।
ये सभी बदलाव 2022 में की गई एक स्टडी ‘री-ऑर्गनाइजेशन एंड राइटसाइजिंग ऑफ इंडियन आर्मी’ पर आधारित हैं। इस अध्ययन में पश्चिमी और उत्तरी सीमाओं पर बदलते खतरों के मद्देनजर मौजूदा सैन्य ढांचे की समीक्षा की गई थी, ताकि उसकी दक्षता और युद्ध-तैयारी को और बेहतर बनाया जा सके।