📍नई दिल्ली | 11 Aug, 2025, 1:40 PM
India China Sweets Exchange: इस स्वतंत्रता दिवस यानी 15 अगस्त 2025 को भारत और चीन की सेनाएं पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर मिठाई का आदान-प्रदान करेंगी। यह मुलाकात एलएसी पर बने विशेष मीटिंग पॉइंट्स पर होगी। लेकिन इस बार भारत की ओर से यह मुलाकात सामान्य समारोह जैसी नहीं होगी। भारतीय सेना के जवान अपनी कॉम्बैट यूनिफॉर्म में ही मिठाई देंगे। दूसरी ओर, चीनी सेना के जवान इस तरह की मुलाकातों में सेरेमोनियल ड्रेस पहनकर आते हैं और चाहते हैं कि भारतीय जवान भी ऐसी ही ड्रेस पहनें।
India China Sweets Exchange: गलवान के बाद खराब हुए थे रिश्ते
पूर्वी लद्दाख में अप्रैल 2020 से भारत और चीन की सेनाओं के बीच तनाव शुरू हुआ था। इस दौरान गलवान घाटी में हिंसक झड़प भी हुई थी। इसके बाद दोनों देशों के बीच रिश्ते खराब हो गए। इसके बाद सीमा पर होने वाली बॉर्डर पर्सनल मीटिंग्स भी बंद हो गई थीं। 1 अगस्त 2020 को चीन ने मुलाकात के लिए निमंत्रण भेजा था, लेकिन भारतीय सेना ने इसे ठुकरा दिया। उस समय भारत ने 15 अगस्त पर भी चीन को निमंत्रण नहीं दिया गया था।
#India and #China troops exchange sweets along the #LAC at #DBO this #Deepawali . #Disengagement at #Depsang and #Demchok is complete, with #patrol schedules to be finalized at the Brigade Commander level. #ladakh #easternladakh https://t.co/QG6IY8QoyO pic.twitter.com/UeQHgw1qvU
— Harendra Chaudhary🇮🇳 (@iwarriorherry) October 31, 2024
चीन अपने राष्ट्रीय अवसरों, जैसे नए साल और राष्ट्रीय दिवस पर भी निमंत्रण भेजता रहा, लेकिन भारत का रुख साफ था। भारतीय सेना ने कहा कि जब तक एलएसी पर तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हो जाता, तब तक ऐसी औपचारिक मुलाकातें नहीं होंगी। फिर फरवरी 2021 में कुछ बॉर्डर पॉइंट्स पर तनाव कम करने की प्रक्रिया शुरू हुई। इसके बाद भारत ने चीन के निमंत्रण स्वीकार करने शुरू किए और अपने खास अवसरों पर निमंत्रण भेजना भी शुरू किया।
सेना सूत्रों के अनुसार, बातचीत बहाल होने के बाद भी जब भी ऐसी मीटिंग हुईं, भारतीय अधिकारी कॉम्बेट यूनिफॉर्म में ही पहुंचे। यह एक साफ संदेश है कि हालात सामान्य नहीं है। चीन जहां सेरेमोनियल वर्दी में आता है, वहीं भारत का कहना है कि अप्रैल 2020 से पहले जैसी स्थिति लौटने तक सामान्य माहौल का दिखावा नहीं किया जाएगा। दूसरी ओर, चीन कोशिश करता रहा कि वह हर तरह से यह दिखाए कि सब कुछ सामान्य है।

मिठाई एक्सचेंज की परंपरा
भारत और चीन के बीच कुल पांच बीपीएम पॉइंट हैं, इनमें दो लद्दाख में, एक सिक्किम में और दो अरुणाचल प्रदेश में। 1990 में शुरू हुई इस व्यवस्था को दोनों देशों ने जमीनी स्तर पर विश्वास बहाली के लिए बनाई गई थी। साल में नौ फिक्स मीटिंग होती हैं। भारत की तरफ से 26 जनवरी, बैसाखी, 15 अगस्त और दिवाली पर बीपीएम होती है, जबकि चीन की तरफ से न्यू ईयर, 14 फरवरी स्प्रिंग फेस्टिवल, 1 मई, 1 अगस्त पीएलए डे और 1 अक्टूबर को चीन के राष्ट्रीय दिवस के मौके पर औपचारिक बातचीत के साथ मिठाई का आदान-प्रदान भी होता है।
पिछले साल दीपावली पर चीन को दी थी मिठाई
पिछले साल दीपावली पर भी भारत और चीन की सेनाओं ने मिठाई का आदान-प्रदान किया था। यह मुलाकात चुशुल-मोल्दो बॉर्डर मीटिंग पॉइंट पर हुई था। इसके अलावा पूर्वी लद्दाख के डेमचोक और देपसांग मैदानों में भी दोनों देशों की सेनाओं ने मिठाई एक-दूसरे को मिठाई बांटी थी। इस दौरान चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) ने भारतीय सेना को पारंपरिक चीनी मास्क का मोमेंटो और मिठाई भेंट किए थे। सूत्रों के मुताबिक, यह स्वीट एक्सचेंज एलएसी पर स्थित पांच बॉर्डर पर्सनल मीटिंग (बीपीएम) पॉइंट्स पर हुआ था। बता दें कि पिछले साल 21 अक्तूबर को हुए डिसएंगेजमेंट समझौते के बाद दोनों देशों की सेनाओं ने इन दो स्थानों से अपने सैनिक हटाए थे।
पाकिस्तान को दिखाएंगे ‘लाल आंख‘
पिछले साल स्वतंत्रता दिवस पर भारतीय सेना और बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (बीएसएफ) ने पाकिस्तान सेना और पाक रेंजर्स के साथ भी मिठाई का आदान-प्रदान किया था। जम्मू क्षेत्र में एलओसी के पूंछ और मेंढर क्रॉसिंग पॉइंट्स, और इंटरनेशनल बॉर्डर के कई बीओपी पर मिठाई और शुभकामनाएं दी गईं थी। लेकिन इस बार पहलगाम में हुए आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान के साथ यह पारंपरिक प्रकिया नहीं अपनाई जाएगी। 20204 में पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस और ईद पर भी दोनों देशों की सेनाओं ने मिठाई बांटी थी। ईद पर यह पहली बार हुआ था जब पुलवामा हमले के बाद दोनों ओर से मिठाई का आदान-प्रदान हुआ। 2019 में कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद भी कुछ समय के लिए यह परंपरा रुकी थी। उस समय पाकिस्तान ने मिठाई देने से मना कर दिया था, और भारत ने भी जवाब में ऐसा ही किया था। हालांकि, बाद में 2021 और 2023 में यह परंपरा फिर से शुरू हुई थी। 2024 में ईद-उल-अजहा पर बीएसएफ और पाकिस्तान रेंजर्स ने वाघा-अटारी सीमा पर मिठाई का आदान-प्रदान किया था। 2023 में भी ईद-उल-फितर और ईद-उल-अजहा के मौके पर भी दोनों देशों के बीच मिठाई बंटी थी।