📍नई दिल्ली | 15 Aug, 2025, 12:42 PM
PM Modi Speech on 15 August: शुक्रवार 15 अगस्त को 79वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किला से राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की सुरक्षा को लेकर कई बड़ी बातें कहीं। उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा, रक्षा आत्मनिर्भरता और आर्थिक विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उनके भाषण में आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख, स्वदेशी डिफेंस सिस्टम की ताकत, और सिंधु जल समझौते जैसे मुद्दों पर विशेष जोर रहा। इसके साथ ही, उन्होंने सेमीकंडक्टर, परमाणु ऊर्जा, और रोजगार योजनाओं जैसे क्षेत्रों में बड़े कदम उठाने की घोषणा की।
PM Modi Speech on 15 August: तोड़े कई रिकॉर्ड
हल्की फुहारों के बीच प्रधानमंत्री मोदी शुक्रवार को जब लाल किला की प्राचीर पर पहुंचे तो उन्होंने केसरी रंग की पगड़ी पहनी हुई थी। उनके प्राचीर पर पहुंचने पर जब राष्ट्रगान बजा तो उन्होंने एयरफोर्स सैल्यूट किया। वहीं, उन्होंने इस बार उन्होंने 103 मिनट तक भाषण दिया, जो उनके अब तक के सभी स्वतंत्रता दिवस पर दिए भाषणों में सबसे लंबा है। इससे पहले, उनका सबसे लंबा भाषण पिछले साल था, जो 98 मिनट चला था। प्रधानमंत्री मोदी ने 2015 में भी रिकॉर्ड बनाया था, जब उन्होंने 88 मिनट का भाषण दिया था। आजादी के समय 1947 में, तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने 72 मिनट का भाषण दिया था। इसके साथ ही, प्रधानमंत्री मोदी ने एक और रिकॉर्ड तोड़ा। उन्होंने लाल किला की प्राचीर से लगातार 12 बार स्वतंत्रता दिवस पर भाषण दिया है। इस मामले में वे अब केवल जवाहरलाल नेहरू से पीछे हैं, जिन्होंने लगातार 17 बार राष्ट्र को स्वतंत्रता दिवस पर संबोधन दिया था। प्रधानमंत्री मोदी का सबसे छोटा भाषण 2017 का था, जब उन्होंने केवल 56 मिनट ही देश को संबोधित किया था।

PM Modi Speech on 15 August: आतंकवाद के खिलाफ “न्यू नॉर्मल”
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने आतंकवाद के खिलाफ एक नया मानक स्थापित किया है, जिसे उन्होंने “न्यू नॉर्मल” करार दिया। पीएम ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “आतंकवादी और उनके समर्थकों को अब अलग-अलग नहीं माना जाएगा।” उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि भारत अब परमाणु धमकियों को बर्दाश्त नहीं करेगा। यह बयान पड़ोसी देशों, खासकर पाकिस्तान, के लिए एक कड़ा संदेश माना जा रहा है।
PM Modi Speech on 15 August: ऑपरेशन सिंदूर में सेना ने दिखाई ताकत
प्रधानमंत्री ने 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कैसे आतंकियों ने धर्म पूछ-पूछ कर लोगों को मौत के घाट उतारा। कैसे महिलाओं के सिंदूर उजड़े गए और कैसे बच्चों के सामने ही उनके पिता को गोलियों से भूना गयाा। उन्होंने कहा कि इस हमले के जवाब में भारतीय सेना ने “ऑपरेशन सिंदूर” चलाया, जिसमें सीमा पार आतंकी ठिकानों को नष्ट किया गया। पीएम ने इस ऑपरेशन को “दुश्मनों के लिए करारा जवाब” बताते हुए कहा कि इससे पाकिस्तान में “तबाही” मच गई। उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन पूरी तरह से स्वदेशी हथियारों से अंजाम दिया गया और इसने साबित किया कि भारतीय रक्षा उत्पादन अब विश्वस्तरीय क्षमता रखता है।
PM Modi Speech on 15 August: 2035 तक सुदर्शन चक्र मिशन
पीएम मोदी ने राष्ट्रीय सुरक्षा को देश की समृद्धि का आधार बताते हुए कहा कि टेक्नोलॉजी का उपयोग करके हमें अगले 10 सालों में हमें पूरे भारत को एक सुरक्षा कवच देना है। हमें श्रीकृष्ण के सुदर्शन चक्र से प्रेरणा लेकर यह काम करना चाहिए। देश ‘सुदर्शन चक्र मिशन’ लॉन्च करेगा, जिसमें एक शक्तिशाली विपन सिस्टम जो दुश्मन के ड्रोन और हवाई हमलों को निष्क्रिय करेगा और उन्हें करारा जवाब देगा। उन्होंने कहा कि 2035 तक भारत के डिफेंस सिस्टम को और विस्तार दिया जाएगा, इसे आधुनिक बनाया जाएगा, और इसे और सशक्त किया जाएगा। पीएम ने पिछले 11 वर्षों में रक्षा और नागरिकों की सुरक्षा के लिए किए गए कार्यों का उल्लेख किया और इसे सरकार की प्राथमिकता बताया।
PM Modi Speech on 15 August: राष्ट्रीय सुरक्षा कवच का विस्तार
राष्ट्रीय सुरक्षा कवच के तहत, पीएम ने कई प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करने की बात कही। इनमें शामिल हैं: सीमा सुरक्षा का सुदृढ़ीकरण, जिसमें सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी और जवाबी कार्रवाई की क्षमता को बढ़ाना। साइबर हमलों से बचाव के लिए एडवांस टेक्नोलॉजी और प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करना। स्वदेशी रक्षा तकनीकों का विकास और वैश्विक स्तर की प्रणालियों का समावेश और सैनिकों के लिए विश्वस्तरीय प्रशिक्षण और आधुनिक सुविधाओं का निर्माण शामिल है।
प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा कवच केवल सैन्य ताकत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आर्थिक स्थिरता, सामाजिक एकता, और नागरिकों की सुरक्षा को भी सुनिश्चित करता है। उन्होंने इसे एक समग्र दृष्टिकोण बताया, जिसमें सभी क्षेत्रों का समन्वय शामिल है।
🚨 लाल किला से PM मोदी के 10 बड़े ऐलान 🇮🇳 🚨
आजादी के जश्न पर PM @narendramodi ने रखा आत्मनिर्भर और मजबूत भारत का रोडमैप:
1️⃣ मेड-इन-इंडिया सेमीकंडक्टर – इस साल के अंत तक पहला देसी चिप लॉन्च होगा।
2️⃣ न्यूक्लियर एनर्जी बूस्ट – 10 नए रिएक्टर, क्षमता 2047 तक 10 गुना बढ़ेगी।
3️⃣ GST… pic.twitter.com/LPZWRcCT6f— Raksha Samachar | रक्षा समाचार 🇮🇳 (@RakshaSamachar) August 15, 2025
आत्मनिर्भर रक्षा क्षमता
‘मेड इन इंडिया’ अभियान को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का प्रतीक बताते हुए, पीएम ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में स्वदेशी हथियारों ने सेना को बिना किसी रुकावट के पराक्रम दिखाने की शक्ति दी। उन्होंने बताया कि भारत अब अपने रक्षा उपकरणों के निर्माण में तेजी से प्रगति कर रहा है, जिससे न केवल सेना की ताकत बढ़ रही है, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को भी बल मिल रहा है।
सिंधु जल समझौते पर सख्त रुख
सुरक्षा के साथ-साथ, पीएम ने सिंधु जल समझौते पर भी सख्त रुख अपनाया। उन्होंने इसे “अन्यायपूर्ण” करार देते हुए कहा कि भारत से निकलने वाली नदियों का पानी पड़ोसी देशों के खेतों को सींच रहा है, जबकि भारतीय किसान पानी के लिए तरस रहे हैं। उन्होंने कहा, “खून और पानी एक साथ नहीं बहेंगे।”
मेड इन इंडिया जेट इंजन
15 अगस्त 2025 को लाल किले से अपने स्वतंत्रता दिवस के भाषण में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मेड इन इंडिया’ जेट इंजन पर कहा, “आज मैं लाल किला के प्राचीर से मेरे देश के युवा वैज्ञानिकों से, मेरे टैलेंट यूथ से, मेरे इंजीनियर्स से और सरकार के हर विभाग से भी आह्वान करता हूं कि हमारे अपने मेड इन इंडिया फाइटर जेट्स के लिए जेट इंजन हमारा ही होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस तरह भारत ने कोविड वैक्सीन और यूपीआई जैसे डिजिटल पेमेंट सिस्टम विकसित किए, उसी तरह अब देश को अपने जेट इंजन बनाने होंगे। उन्होंने कहा यह एक राष्ट्रीय चुनौती है। मैं अपने वैज्ञानिकों और युवाओं से कहता हूं कि इसे सीधी चुनौती के रूप में स्वीकार करें और भारत को इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाएं।
सेमीकंडक्टर में मिशन मोड
राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ-साथ, पीएम ने तकनीकी आत्मनिर्भरता पर भी जोर दिया। उन्होंने सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भारत की प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि 50-60 साल पहले इस क्षेत्र में शुरूआत करने की कोशिशें नाकाम कर दी गई थीं। लेकिन अब भारत “मिशन मोड” में काम कर रहा है। उन्होंने घोषणा की कि इस वर्ष के अंत तक भारत का पहला ‘मेड इन इंडिया’ सेमीकंडक्टर चिप बाजार में उपलब्ध होगा।
परमाणु ऊर्जा में विस्तार
परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में भारत की प्रगति का जिक्र करते हुए, पीएम ने कहा कि देश में 10 नए परमाणु रिएक्टरों पर काम चल रहा है। पिछले 11 वर्षों में हमारी सौर ऊर्जा क्षमता 30 गुना बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि भारत मिशन ग्रीन हाइड्रोजन की दिशा में आज हजारों करोड़ रुपए इन्वेस्ट कर रहा है। भारत अब परमाणु ऊर्जा पर सक्रिय रूप से ध्यान केंद्रित कर रहा है। दस नए परमाणु रिएक्टर तेजी से काम कर रहे हैं। जब भारत अपनी स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे करेगा, उनका लक्ष्य अगले दो दशकों में भारत की परमाणु ऊर्जा उत्पादन क्षमता को 10 गुना बढ़ाना है। यह कदम भारत को ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर ले जाएगा और पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान देगा। उन्होंने कहा कि इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य को हासिल करने के लिए हम निजी क्षेत्र की कंपनियों को भी इस क्षेत्र में शामिल कर रहे हैं। निजी कंपनियों की तकनीकी विशेषज्ञता और निवेश से परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी आएगी।
जीएसटी सुधार: दिवाली का तोहफा
15 अगस्त 2025 को अपने भाषण में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जीएसटी सुधार पर कहा, “इस दिवाली मैं आपके लिए डबल दिवाली का काम करने वाला हूं। इस दिवाली में देशवासियों को बहुत बड़ा तोहफा मिलने वाला है। पिछले आठ वर्षों में हमने जीएसटी में बड़ा सुधार किया है। पूरे देश में टैक्स के बोझ को कम किया, टैक्स की व्यवस्थाओं को सरल किया। आठ साल के बाद समय की मांग है कि हम इसकी समीक्षा करें। हमने हाई पावर कमेटी बनाकर रिव्यू कराया, राज्यों से भी विचार-विमर्श किया। हम नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी रिफॉर्म लेकर आ रहे हैं। ये दिवाली के अंदर आपके लिए तोहफा बन जाएंगे। सामान्य मानवीय जरूरतों के टैक्स भारी मात्रा में कम कर दिए जाएंगे। रोजमर्रा की चीजें बहुत सस्ती हो जाएंगी। हमारे एमएसएमई और लघु उद्यमियों को बहुत बड़ा लाभ मिलेगा। इससे हमारी अर्थव्यवस्था को भी एक नया बल मिलेगा।”
10 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लिए टास्क फोर्स
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के बारे में कहा, “हमने एक विशेष सुधार टास्क फोर्स का गठन किया है, जिसका लक्ष्य भारत को 2047 तक 10 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना है। इस टास्क फोर्स का काम आर्थिक विकास को गति देना, लालफीताशाही को खत्म करना, और शासन प्रणाली को आधुनिक बनाना होगा। उन्होंने कहा कि यह टास्क फोर्स न केवल आर्थिक विकास को गति देगी, बल्कि यह सुनिश्चित करेगी कि भारत का हर क्षेत्र, हर नागरिक इस विकास का हिस्सा बने। हमारा लक्ष्य है कि 2047 तक भारत न सिर्फ आर्थिक रूप से बल्कि सामाजिक और तकनीकी रूप से भी एक वैश्विक शक्ति के रूप में उभरे। इसके लिए हमें अपने संसाधनों का सही उपयोग करना होगा, नवाचार को बढ़ावा देना होगा, और हर स्तर पर सुशासन को लागू करना होगा।
पीएम विकसित भारत रोजगार योजना
युवाओं के लिए रोजगार सृजन को प्राथमिकता देते हुए, पीएम ने 1 लाख करोड़ रुपये की “पीएम विकसित भारत रोजगार योजना” की शुरुआत की। इस योजना के तहत नए नियुक्त युवाओं को प्रति माह 15,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसका लक्ष्य 3 करोड़ युवाओं को लाभ पहुंचाना है, ताकि भारत की युवा शक्ति को रोजगार के अवसर मिलें और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले।
जनसांख्यिकी मिशन
सीमा क्षेत्रों में घुसपैठ और अवैध प्रवासन से उत्पन्न होने वाले जनसांख्यिकीय असंतुलन पर चिंता जताते हुए, पीएम ने एक उच्च-स्तरीय जनसांख्यिकी मिशन की घोषणा की। यह मिशन भारत की एकता, अखंडता, और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए काम करेगा। यह कदम विशेष रूप से सीमावर्ती राज्यों में जनसांख्यिकीय बदलावों को नियंत्रित करने के लिए उठाया गया है।
ऊर्जा स्वतंत्रता और समुद्र मंथन
ऊर्जा आत्मनिर्भरता पर जोर देते हुए, पीएम ने कहा कि भारत का बड़ा बजट पेट्रोल, डीजल, और गैस के आयात पर खर्च होता है। इसे कम करने के लिए उन्होंने राष्ट्रीय गहरे समुद्र अन्वेषण मिशन की शुरुआत की। इस मिशन के तहत समुद्री संसाधनों का दोहन किया जाएगा। साथ ही, सौर, हाइड्रोजन, जल, और परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में बड़े विस्तार की योजना है।
वोकल फॉर लोकल – भारत का नया मंत्र
अपने भाषण में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘वोकल फॉर लोकल’ पर जोर देते हुए कहा, “वोकल फॉर लोकल हमारा मंत्र है। हमें अपने स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना है। हर भारतीय को गर्व के साथ ‘मेड इन इंडिया’ सामान खरीदना चाहिए। हमारे स्थानीय कारीगर, छोटे व्यापारी और उद्यमी हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। जब हम स्थानीय उत्पाद खरीदते हैं, तो हम न केवल अपनी संस्कृति को मजबूत करते हैं, बल्कि लाखों परिवारों की आजीविका को भी सहारा देते हैं।” उन्होंने कहा, “मैं हर छोटे दुकानदार से कहना चाहता हूं कि हम स्वदेशी पर फोकस करें और अपनी दुकान के बाहर बोर्ड लगाएं – यहां स्वदेशी बिकता है”।