back to top
HomeDefence NewsDefence Production: भारत के डिफेंस प्रोडक्शन ने रचा नया कीर्तिमान, रिकॉर्ड 1.51...

Defence Production: भारत के डिफेंस प्रोडक्शन ने रचा नया कीर्तिमान, रिकॉर्ड 1.51 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचा उत्पादन

इस रिकॉर्ड उत्पादन में रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों और अन्य सार्वजनिक इकाइयों का हिस्सा 77 प्रतिशत रहा। वहीं, निजी कंपनियों ने 23 प्रतिशत योगदान दिया। पिछले साल निजी क्षेत्र की हिस्सेदारी 21 प्रतिशत थी, जो इस साल बढ़कर 23 प्रतिशत हो गई। इससे पता चलता है कि प्राइवेट कंपनियां अब डिफेंस सेक्टर में और एक्टिव हो रही हैं...
Read Time 0.18 mintue

📍नई दिल्ली | 9 Aug, 2025, 8:17 PM

Defence Production: भारत के डिफेंस प्रोडक्शन ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में नया इतिहास रचते हुए 1,50,590 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड उत्पादन हासिल किया। यह उपलब्धि पिछले वित्तीय वर्ष के 1.27 लाख करोड़ रुपये के मुकाबले 18 फीसदी अधिक है। वहीं, 2019-20 के 79,071 करोड़ रुपये मुकाबले 90 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।

Pakistan Air Defence: पाक एयर डिफेंस की 2022 की चूक बनी भारत की जीत का हथियार! ऑपरेशन सिंदूर में ब्रह्मोस के आगे क्यों फेल हुआ पाकिस्तान का सुरक्षा कवच?

इस रिकॉर्ड उत्पादन में रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों और अन्य सार्वजनिक इकाइयों का हिस्सा 77 प्रतिशत रहा। वहीं, निजी कंपनियों ने 23 प्रतिशत योगदान दिया। पिछले साल निजी क्षेत्र की हिस्सेदारी 21 प्रतिशत थी, जो इस साल बढ़कर 23 प्रतिशत हो गई। इससे पता चलता है कि प्राइवेट कंपनियां अब डिफेंस सेक्टर में और एक्टिव हो रही हैं।

पिछले दस सालों में सरकार ने रक्षा क्षेत्र में कई बड़े बदलाव किए। इनमें कारोबार को आसान बनाने और स्वदेशी डिफेंस इक्विपमेंट बनाने पर फोकस करना शामिल है। इसके चलते डिफेंस पब्लिक सेक्टर यूनिट्स का प्रोडक्शन 16 फीसदी और प्राइवेट सेक्टर का प्रोडक्शन 28 फीसदी बढ़ा है।

यह उपलब्धि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत अभियान का हिस्सा है। इस पहल का लक्ष्य है कि भारत डिफेंस इक्विपमेंट के लिए विदेशों पर कम निर्भर हो और अपना रक्षा उद्योग इतना मजबूत हो कि वह देश की जरूरतें पूरी करे और निर्यात भी बढ़ाए। इस पॉलिसी से अच्छे रिजल्ट्स देखने को मिले हैं।

रक्षा निर्यात ने भी इस साल नया रिकॉर्ड बनाया। वित्तीय वर्ष 2024-25 में रक्षा निर्यात 23,622 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। यह पिछले साल के 21,083 करोड़ रुपये से 2,539 करोड़ रुपये यानी 12.04 फीसदी ज्यादा है।

सरकार की नीतियों, निजी क्षेत्र की बढ़ती भागीदारी और निर्यात की बढ़ती क्षमता ने भारत के रक्षा उत्पादन को नई ऊंचाई दी है। सरकार ने कारोबार को आसान बनाने के लिए कई कदम उठाए। इनमें लाइसेंस प्रक्रिया को सरल करना और निजी कंपनियों को रक्षा क्षेत्र में आने के लिए प्रोत्साहित करना शामिल है। जिसका परिणाम यह है कि निजी क्षेत्र की बढ़ती हिस्सेदारी दिखाती है कि अब रक्षा उद्योग में सिर्फ सरकारी कंपनियां ही नहीं, बल्कि निजी कंपनियां भी अहम भूमिका निभा रही हैं। यह भारत को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।

वहीं, रक्षा मंत्रालय ने निर्यात बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए। इनमें इंटरनेशनल डिफेंस एग्जिबिशन्स में हिस्सा लेना और विदेशी कंपनियों के साथ सहयोग करना शामिल है। इन प्रयासों ने भारत को वैश्विक रक्षा बाजार में नई पहचान दी। डिफेंस एक्सपोर्ट्स में हुई बढ़ोतरी ने भारत को दुनिया में मजबूत स्थिति दी है। भारतीय डिफेंस इक्विपमेंट्स की मांग अब विदेशों में बढ़ रही है। यह भारत की तकनीकी ताकत और गुणवत्ता का सबूत है।

रक्षा मंत्री ने इस उपलब्धि को रक्षा क्षेत्र के सभी लोगों के सहयोग का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि यह भारत के रक्षा उद्योग की ताकत को दिखाता है। यह उपलब्धि न केवल आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि देश की सुरक्षा को और मजबूत करने में भी मदद कर रही है।

News Desk
रक्षा समाचार न्यूज डेस्क भारत की अग्रणी हिंदी रक्षा समाचार टीम है, जो Indian Army, Navy, Air Force, DRDO, रक्षा उपकरण, युद्ध रणनीति और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक खबरें प्रस्तुत करती है। हम लाते हैं सटीक, सरल और अपडेटेड Defence News in Hindi। हमारा उद्देश्य है – "हर खबर, देश की रक्षा के लिए।"
Share on WhatsApp
Exit mobile version