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BrahMos supersonic cruise missiles: ऑपरेशन सिंदूर के बाद सबकी फेवरेट बनी ब्रह्मोस, एयरफोर्स और नेवी बड़ा ऑर्डर देने की तैयारी में

भारतीय नौसेना इन मिसाइलों को अपने वीर-क्लास वॉरशिप्स पर तैनात करेगी, जबकि भारतीय वायुसेना अपने सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू विमानों को इनसे लैस करेगी...

ऑपरेशन सिंदूर के पहले चरण में, भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान में आतंकवादी संगठनों जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के मुख्यालयों को निशाना बनाया। इन हमलों में ब्रह्मोस मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया, जिन्होंने पाकिस्तान के पंजा में स्थित आतंकी ठिकानों को बेहद सटीकता के साथ नष्ट किया। इन हमलों ने न केवल आतंकवादी अड्डों को ध्वस्त किया, बल्कि पाकिस्तानी एयर बेसों को भी भारी नुकसान पहुंचाया...
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📍नई दिल्ली | 5 Aug, 2025, 3:37 PM

BrahMos supersonic cruise missiles: हाल ही में हुए ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान को करारा नुकसान पहुंचाने के बाद, भारतीय सेनाएं ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों का बड़ा ऑर्डर देने की तैयारी कर रही हैं। रक्षा मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि जल्द ही एक उच्च स्तरीय बैठक में भारतीय नौसेना के युद्धपोतों और भारतीय वायुसेना के लिए इन मिसाइलों की खरीद को मंजूरी दी जा सकती है। इन मिसाइलों में जमीन से और हवा से मार करने वाले सिस्ट्म्स शामिल होंगे।

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BrahMos supersonic cruise missiles: ऑपरेशन सिंदूर में ब्रह्मोस ने दिखाए थे जलवे

6 जून से 10 जून तक चार दिनों तक चले इस मिलिट्री ऑपरेशन दौरान ब्रह्मोस मिसाइलों ने पाकिस्तानी एयर बेस और सेना के ठिकानों पर सटीक हमले किए थे। इन मिसाइलों ने पूरे पाकिस्तान में फैले सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया और भारी नुकसान पहुंचाया। सूत्रों के अनुसार, भारतीय नौसेना इन मिसाइलों को अपने वीर-क्लास वॉरशिप्स पर तैनात करेगी, जबकि भारतीय वायुसेना अपने सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू विमानों को इनसे लैस करेगी। बता दें, ब्रह्मोस मिसाइल की रफ्तार (मैक 2.8 से मैक 3) है और रेंज 400 किलोमीटर से अधिक है।

प्रधानमंत्री ने की थी स्वदेशी हथियारों की तारीफ

हाल ही में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर में स्वदेशी हथियारों के शानदार प्रदर्शन की सराहना की थी। उन्होंने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पूरी दुनिया ने हमारे स्वदेशी हथियारों की ताकत देखी। हमारे एयर डिफेंस सिस्ट्म्स, खासकर ब्रह्मोस मिसाइलों और ड्रोन ने ‘आत्मनिर्भर भारत’ की ताकत को साबित किया।”

आतंकवादी अड्डों को किया बरबाद

ऑपरेशन सिंदूर के पहले चरण में, भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान में आतंकवादी संगठनों जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के मुख्यालयों को निशाना बनाया। इन हमलों में ब्रह्मोस मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया, जिन्होंने पाकिस्तान के पंजा में स्थित आतंकी ठिकानों को बेहद सटीकता के साथ नष्ट किया। इन हमलों ने न केवल आतंकवादी अड्डों को ध्वस्त किया, बल्कि पाकिस्तानी एयर बेसों को भी भारी नुकसान पहुंचाया।

वहीं, ब्रह्मोस मिसाइलों के हमलों से तिलमिलाई पाकिस्तानी सेना ने आतंकवादियों और उनके ठिकानों को बचाने की कोशिश की और जवाबी कार्रवाई करने की कोशिश की। हालांकि, भारतीय सेनाओं की रणनीति और ब्रह्मोस की ताकत के सामने उनकी कोशिशें नाकाम रहीं।

ब्रह्मोस मिसाइल की खूबियां

ब्रह्मोस मिसाइल भारत और रूस का जॉइंट वेंचर हैं। यह सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल अपनी रफ्तार और सटीकता के लिए जानी जाती है। यह जमीन, समुद्र और हवा से मार करने में सक्षम है। इसे दुनिया की सबसे तेज ऑपरेशनल सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों में गिना जाता है। यह लगभग मैक 2.8 से मैक 3 की रफ्तार से अपने लक्ष्य तक पहुंच सकती है।

यह मिसाइल 200 से 300 किलोग्राम तक का हाई-एक्सप्लोसिव वारहेड लेकर चल सकती है। इसके गाइडेंस सिस्टम में अत्याधुनिक Inertial Navigation System और GPS/NavIC आधारित तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जिससे यह अपने लक्ष्य तक बेहद सटीकता के साथ पहुंचती है और मिशन की सफलता की संभावना को अधिकतम करती है। वहीं, सटीक मारक क्षमता के चलते ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के सिविलियन ढांचे को कोई नुकसान नहीं पहुंचा था।

News Desk
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